
उदित वाणी, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन अलर्ट मोड में आ चुका है और संभावित बाढ़ को लेकर चौकसी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी स्थिति में नदी या नाले के पास न जाएं। निचले इलाकों में रहने वाले लोग समय रहते ऊंचे स्थानों की ओर रुख करें।
जलस्तर का ताज़ा अपडेट (4 बजे तक)
स्वर्णरेखा नदी (मानगो पुल स्थल)
खतरे का स्तर: 121.50 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 123.10 मीटर
खरकई नदी (आदित्यपुर पुल स्थल)
खतरे का स्तर: 129.00 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 133.30 मीटर
नदियों का जलस्तर खतरे की सीमा को पार कर चुका है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
बारिश और बाढ़ के दौरान क्या करें, क्या न करें?
- सावधानी रखें – जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है:
- सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें और घर के भीतर ही रहें।
- तेज बारिश और हवा के समय खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें।
- बिजली के झटकों से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- नदी, नालों, अंडरपास और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- कम दृश्यता में वाहन न चलाएं। यदि वाहन चला रहे हैं तो सुरक्षित स्थान पर रोक दें।
- पानी भरी सड़कों पर वाहन चलाने की भूल न करें, पानी में छुपे खतरे जानलेवा हो सकते हैं।
- सिर्फ कुछ इंच पानी भी वाहन को बहा सकता है। बहाव वाले जल से दूर रहें।
- टूटी बिजली की तारों से दूर रहें और तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें।
- घर के भीतर जेनरेटर का उपयोग न करें, यह जहरीली गैस उत्पन्न कर सकता है।
- बाढ़ का पानी दूषित हो सकता है, उसमें तैराकी या खेल से बचें।
- शुद्ध पेयजल लें, सड़क किनारे खाद्य सामग्री से परहेज करें।
- मच्छरों से बचने के उपाय अपनाएं और स्वास्थ्य अलर्ट पर ध्यान दें।
प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी
जिला प्रशासन द्वारा मौसम और जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रामाणिक स्रोतों से प्राप्त सूचना पर विश्वास करें। आपात स्थिति में तत्काल प्रशासनिक या नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

