
टाटा स्टील की ओर से इलाके में किये जा रहे अनेक विकास कार्य
पोटका के ग्रामीणों को बताये जा रहे इसके फायदे व नुकसान
उदित वाणी, जमशेदपुर: पोटका प्रखंड के बेंगनाडीह इलाके में कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर दो तरह की धारा बहती दिख रही. एक ओर जहां प्लांट निर्माण की प्रबल पैरोकार टाटा स्टील की ओर से इलाके में सीएसआर के तहत विकास की अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा ताकि स्थानीय लोगों की जिंदगी में और खुशहाली आए तथा इलाका का चौतरफा विकास हो.
दूसरी ओर मुखिया संघ इस प्लांट के निर्माण का विरोध कर रहा है. प्लांट को लेकर 25 सितंबर को जनसुनवाई होनी है. ऐसे संकेत हैं कि जनसुनवाई में भी प्लांट को लेकर दो धाराएं देखने को मिल सकती हैं. एक धारा से जुड़े लोग इसका समर्थन करते हुए इसे इलाके के विकास के लिए अच्छा अवसर बता रहे तो दूसरी ओर विभिन्न जनप्रतिनिधियों के द्वारा इसका विरोध जारी है. विरोधियों के पंक्ति में पोटका प्रखंड का मुखिया संघ भी जुड़ गया है.
मुखिया संघ इस जनसुनवाई का जमकर विरोध करेगा. इस आशय का निर्णय मुखिया संघ की हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत भवन में शुक्रवार को आयोजित बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष पानो सरदार ने की. बैठक में मुखियाओं ने कहा कि पोटका प्रखंड क्षेत्र में कचरा प्लांट स्थापित होने से प्रदूषण बढऩे का खतरा है.
वर्तमान में यह क्षेत्र बिलकुल ही प्रदूषण मुक्त है. कचरा प्लांट के स्थापना से क्षेत्र में हरित क्रांति के बदले काली क्रांति का आगाज होगा. संघ के अध्यक्ष पानो सरदार ने कहा कि साजिश के तहद जमशेदपुर शहर का कचरा पोटका लाया जा रहा है. बैठक में मुखिया दुखनीमाई सरदार, अमृत माझी, सुखलाल सरदार, अभिषेक सरदार, देवी कुमारी भूमिज, वीणा मुंडा,कार्तिक मुर्मू, कृष्णा मुंडा, सावित्री हांसदा, आशारानी सरदार, बिदेन सरदार, चंद्रभूषण सरदार, अर्धेंदु सरदार, प्रभारी मुखिया काजल बारिक सहित अन्य उपस्थित थी.

