
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन सभागार में शनिवार को एक दिवसीय प्राथमिक चिकित्सा विधि प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण रेल सिविल डिफेंस की ओर से टाटानगर सब-डिविजनल रेल अस्पताल के उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कितलू मुर्मू की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों और रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक प्राथमिक चिकित्सा विधियों का प्रशिक्षण देना था।
शिविर की शुरुआत सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा हो या मानव निर्मित दुर्घटना, दोनों ही स्थितियों में जान-माल की क्षति होती है। ऐसे समय पर प्राथमिक चिकित्सा विधियों की जानकारी से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि इस प्रशिक्षण को केवल सीखें ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन में भी लागू करें।
प्रशिक्षण के दौरान उपमुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कितलू मुर्मू ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की विधि विस्तारपूर्वक बताई और डिफाइब्रिलेटर मशीन का उपयोग कर उसका प्रदर्शन किया। उन्होंने ऑगमेंट फर्स्ट एड किट में रखी सामग्री के महत्व पर भी प्रकाश डाला और मिनी ऑक्सीजन सिलेंडर, सर्वाइकल कॉलर, फुट सक्शन तथा हैंड सक्शन के उपयोग की विधियां समझाईं।
रेल अस्पताल के ड्रेसर जवाहर कर्मकार ने प्रतिभागियों को पट्टी बांधने की विभिन्न विधियों का प्रशिक्षण दिया। वहीं, सिविल डिफेंस डेमोस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने ट्रायंगुलर बैंडेज का प्रदर्शन किया। डेमोस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह ने हड्डी टूटने की स्थिति में स्प्लिंट बांधने की प्रक्रिया समझाई।
शिविर के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति से निपटने में तेजी और दक्षता आएगी।
प्रशिक्षण शिविर में स्टेशन के डिप्टी सीटीआई जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, एसएस जे.के. वर्मा, बी.के. मिश्रा (चीफ ओएस), रेल सुरक्षा बल के सब इंस्पेक्टर यू. सिंह, रिकिं कुमारी, एस.आर. कुमारी, प्रतिमा कुमारी, जी.के. मांझी, अंकित कुमार, रंजन, विकास कुमार सहित अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

