
उदित वाणी, जमशेदपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को जमशेदपुर स्थित कदमा इलाके में ‘श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर’ की नींव रखी. राष्ट्रपति ने पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि भूमि पूजन किया और इसकी आधारशिला रखी. इसका आयोजन श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र ट्रस्ट ने किया था.
मात्र दो महीनों में राष्ट्रपति की ‘स्टील सिटी’ की यह दूसरी यात्रा इस आध्यात्मिक परियोजना के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करती है. इस परियोजना की जड़ें उस समय की हैं जब द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल थीं. उन्हीं के कार्यकाल के दौरान इस परियोजना के लिए भूमि आवंटित की गई थी.
क्या है परियोजना की खासियत?
श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं सदी के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर की प्रतिकृति होगा. इसे खरखाई नदी के किनारे लगभग 2.5 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है.
मुख्य मंदिर (1.5 एकड़): पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर एक भव्य प्रतिकृति का निर्माण किया जाएगा, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाएं स्थापित होंगी. मंदिर इस परिसर के वास्तुशिल्प मुकुट के रूप में स्थापित होगा. मंदिर पूरी तरह से पत्थर से निर्मित होगा,जो उत्कृष्ट शिल्प कौशल और पारंपरिक मंदिर वास्तुकला को प्रदर्शित करेगा. यह मंदिर झारखंड, बिहार, बंगाल और ओडिशा के भक्तों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल बनने जा रहा है. इसका निर्माण कार्य चार वर्षों में पूर्ण होने की संभावना है.
आध्यात्मिक विंग (1 एकड़): युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक समर्पित केंद्र बनाया जाएगा, जिसके दो वर्षों के भीतर पूर्ण होने की संभावना है.
श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र ट्रस्ट ने इस परियोजना को केवल एक पूजा स्थल के रूप में नहीं, बल्कि मन और आत्मा के एक पवित्र अभयारण्य के रूप में परिकल्पित किया है, जिसे विशेष रूप से युवा पीढ़ी को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है. यहां श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन हेतु आवासीय शिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन मूल्यों से जोड़ने में सहायता मिलेगी. ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य इस केंद्र को युवाओं के चरित्र निर्माण और नैतिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है. यह केंद्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
साथ ही, यह केंद्र परोपकारी गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र होगा, जहां बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने और वंचित वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा सहायता जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी पहल संचालित की जाएंगी.
इस आध्यात्मिक केंद्र के निर्माण से जमशेदपुर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा इस परियोजना से झारखंड में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की व्यापक संभावना है.
कोर टीम:
आरएसबी ग्लोबल के वाइस चेयरमैन एस.के. बेहरा श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी है. इस परियोजना को आगे बढ़ाने वाली कोर टीम में ट्रस्ट के मनोरंजन दास, अबनीश मिश्रा, पी.आर. दास और श्रीधर प्रधान शामिल हैं.

