
शिक्षक बोले अंतर जिला स्थानांतरण नियम में हो संशोधन
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में उपायुक्त विजया जाधव के निर्देशानुसार जिला शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों की जोनवार तबादले की सूची तैयार कर ली गई है.
विभाग द्वारा बनाई गई सूची में जोन-1, जोन-2 व जोन-3 के शिक्षकों को शामिल किया गया है. सूची में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के कुल 79 जबकि माध्यमिक विद्यालय के कुल 343 शिक्षक शामिल हैं.
शिक्षकों को उनकी वरीयता व उनके प्रदर्शन के आधार पर अंक प्रदान किया गया है. वहीं, विभाग द्वारा निर्धारित 1 फरवरी 2022 कट ऑफ डेट के आधार पर स्थानांतरण की सूची तैयार की गई है.
साथ ही सूची को जिले की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, ताकि कोई भी शिक्षक इस संबंध में वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकें. शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की स्थानांतरण से संबंधित जारी सूची में किसी भी तरह की गलत जानकारी होने पर शिक्षक 25 अक्टूबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. इसके बाद कोई भी आपत्ति शिक्षकों द्वारा स्वीकार नहीं की जाएगी.
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला कुमारी बरेलिया ने बताया कि शिक्षकों के तबादले व पदस्थापना में पूरी पार्दशिता रखी जाएगी. उपायुक्त के निर्देशानुसार पूर्व के फॉर्मूला के आधार पर ही शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी.
शिक्षक संघ ने स्थानांतर के नियम पर उठाए सवाल
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों के स्थानांतरण के नियमों पर सवाल उठाया है और अंतर जिला स्थानांतरण नीति को अस्पष्ट करार दिया है और इससे शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण के लिए प्रायोगिक नहीं बताया है.
इस बाबत पत्र शनिवार को शिक्ष संघ ने मुख्यमंत्री को भेजकर इसमें विभागीय मंत्री द्वारा पिछले दिनों दिए गए संशोधन के आदेश को लागू करने की मांग की है. इसके अलावा संघ ने एमएसीपी का लाभ नहीं मिलने समेत गैर शैक्षणिक कार्यों मेंस शिक्षकों को न लगाए जाने जैसे मुद्दों को पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखा है.
शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित यह ज्ञापन जिला उपायुक्त विजया जाधव को सौंपा गया. इसमें शिक्षकों के लिए सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना (एमएसीपी) की स्वीकृति का मुद्दा उठाया गया. कहा गया कि राज्य क सभी शिक्षकों के लिए एमएसीपी को स्वीकृत किया जाना अभी तक लंबित है. इसलिए शिक्षक अपने पूरे सेवाकाल में बिना वित्तीय उन्नयन के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं.
इस ज्ञापन में अंतरजिला स्थानांतरण नियम का सरलीकरण करने की मां की गई है. कहा गया है कि शिक्षकों के अंतरजिला स्थानांतरण के लिए वर्तमान प्रावधान बहुत ही सीमित और कठिन शर्तों के अधीन है.
इस कारण शिक्षक अंतर जिला स्थानांतपण के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं. इसे संशोधित करने की मांग की गई. वहीं गैर शैक्षणिक कार्य एवं लिपिकीय कार्य से भी शिक्षकों को मुक्त करने की मांग शिक्षक संघ की ओर से की गई.
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों में संघ के जिला महासचिव सरोज कुमार लेंका, जिला अध्यक्ष शिव शंकर पोलाई मुख्य रूप से शामिल थे.

