
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के छोटा गदरा चौक पर 24 जून 2024 को सेरेंगसिया घाटी युद्ध के नायक वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया. ग्राम सभा और हो हुदा सुसार अखड़ा की ओर से आयोजित इस आयोजन में वीर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई और उनके बलिदान को याद किया गया.
पोटो हो चौक पर अनावरण, परंपरागत विधि से पूजा
हाल ही में छोटा गदरा चौक का नाम बदलकर “वीर शहीद पोटो हो चौक” किया गया था. सोमवार को इसी चौक पर उनकी प्रतिमा का अनावरण हुआ. दियूरी (पुजारी) सतीश सामड और चैतन्य पुरती ने परंपरागत पूजा-पाठ और विधिवत अनावरण किया. इसके बाद उपस्थित लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए.
ब्रिटिश राज की हार के नायक को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि पोटो हो सिंहभूम और कोल्हान क्षेत्र में ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ने वाले महान योद्धा थे. सेरेंगसिया घाटी युद्ध में उन्होंने 26 हो लड़ाकों के साथ अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी थी. इस युद्ध में अंग्रेजों के एक सूबेदार, एक हवलदार और 13 सिपाही घायल हुए थे, जबकि कई लड़ाके शहीद हुए थे.
समाज ने जताया गर्व, उठी ऐतिहासिक मान्यता की मांग
कार्यक्रम की अध्यक्षता हो हुदा सुसार अखड़ा के अध्यक्ष गुलशन हेम्ब्रोम ने की. मुख्य रूप से युवा महासभा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुरा बिरुली, जमशेदपुर प्रखंड उपप्रमुख शिव हांसदा, हातु मुंडा, सुखलाल हेम्ब्रोम, नारायण बानरा, रवि सावैयां, सरिता बारदा, मीरा हेम्ब्रोम, बिरेन गोडसोरा, महेंद्र बिरुली, मनीष हेम्ब्रोम, लक्ष्मी बारदा, रेयन्स सामड, जेना जामुदा, शंकर हेम्ब्रोम, जगरनाथ देवगम, लखन सामड, सुबोध बारदा, नीलिमा बारदा और साधु बानरा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.
इतिहास को जीवित रखने की कोशिश
प्रतिमा अनावरण के इस आयोजन को स्थानीय लोगों ने न सिर्फ पोटो हो के बलिदान को सम्मान देने वाला क्षण बताया, बल्कि यह भी मांग की कि उनके संघर्ष और युद्ध को राज्य के इतिहास में प्रमुखता से शामिल किया जाए.

