
उदित वाणी, रांची: झारखंड शराब व्यापारी संघ ने कहा कि राज्य में दिल्ली के तर्ज पर शराब घोटाला होने का आरोप लगाया है. शराब व्यापारियों ने चेम्बर भवन में प्रेसवार्ता आयोजित करके कहा कि झारखंड में शराब की बिक्री के लिए नियुक्त छत्तीसगढ़ की कंसलटेंट कंपनी को हटा दिया गया है तथा हटाये गए कंसलटेंट कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाया गया है.
बताया गया है कि कंसलटेंट कंपनी को 23 हजार करोड़ रूपये राजस्व देना था. लेकिन फरवरी तक सिर्फ 17 हजार करोड़ ही राजस्व मिला है. जिससे सरकार को भारी राजस्व की क्षति हुई है.
शराब व्यापारी संघ ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि जांच से बड़ा घोटाला सामने आ सकता है. संघ के अध्यक्ष अचिंत कुमार साह व महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने शनिवार को कहा कि राजस्व की क्षति कैसे हुई इसकी जांच होनी चाहिए. अधिकारियों की वजह से सरकार को भारी राजस्व की क्षति हुई है.
कंसलटेंट एजेंसी नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकार को घाटा पहुंचाती रही और सरकार चुप रही. उन्होंने कहा कि कंपनी का विरोध संघ ने शुरूआत में ही किया था. लेकिन सरकार ने नहीं सुनी.
बिना बैंक गारंटी के साढे़ चार महीने तक काम किसके आदेश पर हुई इसकी जांच जरूरी है. झारखंड में 2 नंबरी शराब की बेखौफ बिक्री को भी देखने रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है. राज्य में पानी मिलाकर भी शराब की बिक्री की जाती रही है.

