
उदित वाणी, जमशेदपुर: धर्मसास्था मंदिर बिष्टुपुर में चल रहे 75 वें प्रीति समारोह के तहत गुरुवार 9 फरवरी को मंदिर में महागणपति के हवन के साथ पूजा शुरू हुई. वेद पंडितों ने सहस्र कलश अभिषेक के लिए 1008 कलश स्थापना की.
इसमें से 336 कलश श्री गणेश, 336 श्री कार्तिक और 336 श्री धर्म संस्था के लिए स्थापना की गई. पूजा-अर्चना के बाद अभिषेक किया गया. ब्रह्मश्री विजय भानु गणपडिगल के मार्गदर्शन में मंदिर के अध्यक्ष पीएन शंकरन ने महाआरती की. मंदिर समिति के सदस्यों ने हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया.
शाम को केरल के एक प्रसिद्ध भजन गायक मंजपरा मोहन ने एक बार फिर अपने समूह के सदस्यों के साथ भक्ति गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया.
मंदिर के 75 साल पूरा होने पर हो रहे 16 दिवसीय प्लैटिनम जुबिली समारोह का शुभारंभ 28 जनवरी को हुआ था. इसका समापन 12 फरवरी को होगा. इस समारोह में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के 26 वेद पंडित पूजा और हवन कर रहे हैं.
28 जनवरी से लेकर 12 फरवरी तक
श्री उत्तर सबरीमलाई धर्म संस्था मंदिर बिष्टुपुर का प्लैटिनम जुबिली समारोह 28 जनवरी से 12 फरवरी तक मन रहा है. इसमें महागणपति के लिए सामान्य हवन, मंदिर के सभी पीठासीन देवताओं के लिए कलश स्थापना, जाप, मूल मंत्र हवन, पूर्णाहूति, वसोर्धरा और कलश अभिषेक भी किया जा रहा है.
28 जनवरी की शाम को श्री विघ्नेश्वर पूजा और महा संकल्प के साथ सास्था प्रीति समारोह शुरू हुआ था.चेन्नई की एक प्रसिद्ध कलाकार डॉ (सुश्री) प्रमिला गुरुमूर्ति पूजा के दिनों में से एक दिन उपनिषद/हरिकथा प्रस्तुत की.. केरल के प्रसिद्ध भजन गायक श्री मंजपरा मोहन समारोह के दौरान नमसंकीरथन कर रहे हैं. तमिलनाडु की श्रीमती जे बी कीर्तना भी कर्नाटक संगीत का पाठ कर रही हैं.
1974 में मंदिर की आधारशिला रखी गई
75 साल पहले जमशेदपुर में धर्म सास्था समूहम की स्थापना की गई थी. शुरू में इसका वार्षिक समारोह मद्रासी सम्मेलनी में होता था. 1974 में धर्म सास्था समूहम का सिल्वर जुबिली समारोह मना.
इसी साल मंदिर की स्थापना के लिए जगह का आबंटन किया गया. 1974 में श्री कांची कमाकोडी पीठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामी ने मंदिर की आधारशिला रखी. 7 मार्च 1977 को इस मंदिर का उदघाटन हुआ. यह मंदिर केरल के मशहूर सबरीमाला मंदिर का रेप्लिका है.


