
खुलेंगे संगीन राज
उदित वाणी, रांची: व्यवसायी अमित अग्रवाल से पूछताछ के लिए पीएमएलए कोर्ट [ईडी की बिशेष अदालत] ने ईडी को 7 दिनों के लिए रिमांड पर लेने की मंजूरी दी. यद्यपि शनिवार को ईडी द्वारा अग्रवाल को पीएमएलए कोर्ट में पेश करते हुए 14 दिनों की रिमांड मांगी गई थी.
परन्तु अदालत ने सिर्फ 7 दिनों की रिमांड की मंजूरी दी. इसके साथ ही अदालत ने शनिवार को अग्रवाल को बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार भेज दिया. जबकि ईडी द्वारा रविवार से रिमांड पर लेकर अग्रवाल से पूछताछ की जायेगी.
इसके बाद ईडी द्वारा 15 अक्टूबर को अग्रवाल को फिर से बिशेष अदालत में पेश किया जायेगा. ज्ञात हो कि ईडी की टीम द्वारा शुक्रवार को ही कोलकाता के इस चर्चित व्यवसायी अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है.
अमित अग्रवाल पर पुलिस अधिकारियों के साथ जाल बिछाकर झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को 50 लाख रुपये के साथ रंगे हाथों गिरफतार करने का आरोप है और बताया गया है कि अग्रवाल के साथ-साथ झारखंड के दो व पश्चिम बंगाल के दो पुलिस अधिकारी भी ईडी के राडार पर हैं.
जिनपर अमित अग्रवाल के साथ मिलकर अधिवक्ता राजीव कुमार के विरुद्ध साजिश रचने का संदेह है. अधिवक्ता राजीव कुमार की गिरफ्तारी के बाद मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान के क्रम में ईडी को भारी मात्रा में अवैध तरीके से रुपयों के लेनदेन की जानकारी मिली है. इस मामले में अमित अग्रवाल से ईडी द्वारा पहले भी पूछताछ की गई थी.
परन्तु उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था. बताया गया है कि इसके अलावा संताल में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध खनन मामले में पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश व बच्चू यादव के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में भी ईडी द्वारा अमित अग्रवाल के बारे में जानकारी दी गई है.
ईडी द्वारा खुलासा किया गया हैं कि प्रेम प्रकाश ने संताल से अवैध खनन के रूपये मंगाये और कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल को दिया. झामुमो के पूर्व कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल के बयान के आधार पर इस तथ्य को ईडी ने चार्जशीट में शामिल किया है.
गत 21 जुलाई को ईडी द्वारा रवि केजरीवाल का बयान कलमबद्ध किया था. अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने अवैध राशि को शैल कंपनियों में निवेश किया है.

