
उदित वाणी, जमशेदपुर : पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मॉडल सोलर विलेज निर्माण के प्रगति की समीक्षा बैठक उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में बीडीओ द्वारा दस चयनित गांवों में वर्तमान में सोलर ऊर्जा से कौन-कौन से योजना संचालित है, और किस योजना का संचालन किया जा सकता है जिससे एक बड़े वर्ग समूह को फायदा हो इसपर विस्तार से विमर्श किया गया.
गौरतलब है कि मॉडल सोलर विलेज निर्माण के लिए जिले के 7 प्रखंडों के 10 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें मुसाबनी प्रखंड में पारूलिया और धोबनी, धालभूमगढ़ में कोकपाड़ा, नरसिंहगढ़, घाटशिला का बड़ाजुड़ी, पोटका में हाड़तोपा और कालिकापुर, बहरागोड़ा का मानुषमुडय़िा, पटमदा में बड़ा बांगुड़दा और बिडरा तथा बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल हैं, उक्त गांवों का चयन 5000 से अधिक आबादी वाले गांव अथवा जिले में ऐसे 10 गांव के नहीं होने पर अधिकतम आबादी वाले गांवों के रूप में चिन्हित किया गया है.
छह माह के अंत में जिस गांव में अधिकतम रिन्यूवल एनर्जी अधिष्ठापन क्षमता होगी, उसे ‘मॉडल सोलर विलेज’ घोषित किया जाएगा। विजेता गांव को 01 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी.
सरकारी भवनों के छत पर लगेगा सोलर पैनल
सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल स्थापना, पीएम कुसुम के विभिन्न घटकों का क्रियान्वयन, सोलर आधारित सिंचाई, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाई मास्ट लाइट आदि पर व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए. उन्होने कहा कि गांवों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाएं ताकि ग्रामीण अधिकतम संख्या में सौर ऊर्जा अपनाकर ग्रीन विलेज, क्लीन विलेज की दिशा में आगे बढ़ें.

