
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर में खाद्य उत्पादन क्रय विक्रय का प्रमुख केन्द्र कृषि उत्पादन बाजार समिति परसुडीह में आए दिन चोरी हो रही है. इन समस्याओं के समाधान के लिए सिंहभूम चैम्बर एवं मंडी के व्यापारियों ने कई बार शासन-प्रशासन का ध्यानाकृष्ट किया है परंतु समस्याएं जस की तस है और अब समस्या विकराल रूप ले चुकी है. इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु सिंहभूम चैम्बर के व्यापार एवं वाणिज्य के उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को पत्र के माध्यम से त्राहिमाम संदेश भेजा है. उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन बाजार समिति में 150 दुकानें एवं गोदाम हैं. इसके माध्यम से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों का रोजगार चलता है.
मंडी के व्यापारी वर्षों से वहां व्यापार कर रहे हैं. व्यापार का इतना बड़ा केन्द्र होने के बावजूद आज भी यह मंडी बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, सुरक्षा और पेयजल से वंचित है. उन्होंने कहा कि अधिकतर दुकानें एवं गोदाम मरम्मत के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं. दुकानों की छत कभी भी गिर सकती है, व्यापारी अपने प्राण रक्षा के लिए हेलमेट पहनकर अपनी दुकान में बैठते हैं. दुकानों के ताले टूट रहे हैं और चोरियां हो रही है. विगत 14 जुलाई को भी मंडी की तीन दुकानों के ताले टूटे और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ. उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने कहा कि बाजार समिति मे और भी कई समस्याएं हैं जिनके निराकरण के लिए चैम्बर द्वारा लगातार पत्राचार किया जा रहा है.
ये हैं मांगें
1. समिति में पूर्व में एक पुलिस टीओपी हुआ करता था जो फिलहाल नहीं है. मंडी की सुरक्षा को देखते हुए मंडी में अविलंब एक टीओपी की स्थापना की जाय.
2. मंडी में कार्यरत सुरक्षा एजेंसी का कांट्रैक्ट समाप्त हो चुका है. इस कारण सुरक्षा एजेंसियों ने अपने गार्ड मंडी से हटा लिए हैं. सरकार अविलंब पुनः सुरक्षा एजेंसियों के साथ करार कर गार्ड की व्यवस्था करवाएं.
3. बारिश के मौसम में बद से बदतर होती स्थिति से बचने के लिए सभी दुकानों और गोदामों की मरम्मत कराई जाय.
4. सड़क के अभाव में लगातार बारिश के कारण मंडी चारों तरफ से दलदल के रूप में तब्दील हो चुकी है. अतः मंडी में सड़क का निर्माण अत्यावश्यक है.

