
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिवेणी टावर चौक पर स्थित एक बुक स्टोर में बीती रात चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया है. चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर वहां रखे करीब 20 हजार रुपये नगद पर हाथ साफ कर दिया. घटना की जानकारी गुरुवार सुबह उस समय सामने आई जब दुकानदार अजय कुमार प्रतिदिन की तरह करीब 9 बजे दुकान खोलने पहुंचे.
जैसे ही अजय कुमार दुकान पर पहुंचे, उन्होंने देखा कि दुकान के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है. अंदर घुसते ही सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था और गल्ले से नगद राशि गायब थी. तत्काल उन्होंने परसुडीह थाना को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की.
पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है. थाना प्रभारी ने बताया कि जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह घटना रात 1 बजे से 4 बजे के बीच अंजाम दी गई है, जब क्षेत्र पूरी तरह सुनसान रहता है.
चोरी की इस घटना के बाद त्रिवेणी टावर चौक और उसके आसपास के व्यापारियों में रोष व्याप्त है. दुकानदारों ने पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर गश्ती करती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था. दुकानदार अजय कुमार ने कहा, “हमने कभी सोचा नहीं था कि हमारे इलाके में इस तरह की वारदात होगी. यह न सिर्फ आर्थिक नुकसान है, बल्कि मानसिक तौर पर भी हम सभी भयभीत हैं.”
स्थानीय व्यापारी संघ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और रात्रि गश्त को सख्ती से लागू किया जाए.
परसुडीह थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चोरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस टीम को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में तत्परता से कार्रवाई करें और ऐसे असामाजिक तत्वों को कानून के शिकंजे में लाया जाए.
त्रिवेणी टावर चौक में हुई यह चोरी की घटना न सिर्फ एक व्यवसायी के आर्थिक नुकसान तक सीमित है, बल्कि पूरे इलाके में भय का वातावरण उत्पन्न कर गई है. यह घटना इस बात का संकेत है कि शहर के कई हिस्सों में अब रात्रि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत है. पुलिस के लिए यह एक चुनौती है और आम नागरिकों की उम्मीद है कि जल्द ही अपराधी सलाखों के पीछे होंगे. साथ ही, व्यापारी वर्ग ने भी ठान लिया है कि अब वे अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए और अधिक सतर्कता बरतेंगे.

