
उदित वाणी, रांची: खतियानी जोहार यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री ने हेमन्त सोरेन ने सिमडेगा में कहा कि उनकी सरकार जन-जन तक पहुंच रही है तथा उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राज्य के आदिवासी-मूलवासियों को उनका हक और अधिकार दी जा रही है.
इसके साथ ही उन्होंने केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर बाहरी लोगों के एजेंट के रूप् में काम करने का आरोप लगाया तथा कहा कि झारखंड में झारखंडी ही राज करेगा. वहीं मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरी ईमानदारी से काम करने का निर्देश दिया और कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप झारखंड का नव निर्माण कर रहे हैं.
जल जंगल और जमीन झारखंड की अस्मिता से जुड़ा है. इसे बचाने के लिए उनकी सरकार कृत संकल्पित है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है कि जल जंगल और जमीन के बीच सामंजस्य बैठाते हुए सतत विकास की ओर आगे बढ़े.
हमारी सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि हमने झारखंड अलग राज्य निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया है. इस आंदोलन में कई आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी. आज हम अपने शहीदों के सपनों के अनुरूप झारखंड के नव निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
इस कड़ी में 1932 का खतियान को हमने विधानसभा से पारित किया तो उसका पूरे राज्य वासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया है. हमारी कोशिश यही है कि यहां के लोगों को उनका पूरा हक और अधिकार दें.
इस सिलसिले में सरकार जो भी जरूरी कदम होगी उसे उठाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं कागजों और फाइलों पर सिमटी ना रहे. इसके लिए हम जिला भ्रमण कार्यक्रम पर निकले हैं. ताकि योजनाओं की जमीनी हकीकत की जानकारी ले सकें और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति को मिले.

