
उदित वाणी, जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय में एक जून से गर्मी की छुट्टी हो रही है. गर्मी छुट्टी 20 जून तक रहेगी. इस बीच कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों (घंटी आधारित शिक्षक) को लेकर एक आदेश जारी किया गया है.
इसमें शिक्षकों को गर्मी छुट्टी में ऑनलाइन कक्षा लेने और एक-एक घंटे का लेक्चर वीडियो वेबसाइट पर अपलोड करने का आदेश दिया गया है. इससे आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों में असंतोष है और वे इसका विरोध कर रहे हैं.
दरअसल, बुधवार को विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति सह कोल्हान आयुक्त मनोज कुमार ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने उक्त दिशा-निर्देश दिया. बैठक में प्रभारी कुलपति द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं की रिकॉर्डिंग होगी.
उसे कॉलेज व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा, ताकि विद्यार्थी उसका लाभ ले सकें. साथ ही कॉलेजों को रिकॉर्डिंग की एक कॉपी विश्वविद्यालय में जमा करनी होगी.
इस तरह प्रत्येक घंटी की रिकॉर्डिंग की जायेगी. नीड बेस्ड संविदा शिक्षक कॉलेज के अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में भी सहयोग कर सकेंगे. बशर्ते कॉलेज के प्राचार्य अनुमति प्रदान करते हैं. दो घंटे गैर शैक्षणिक कार्य को एक घंटी के बराबर माना जायेगा. गैर शैक्षणिक कार्य यानी उसमें वित्तीय, परीक्षा, आंतरिक परीक्षा, नैक की तैयारी आदि कार्य शामिल हो सकता है.
नीड बेस्ड संविदा शिक्षकों के अलावा कॉलेजों के स्थायी शिक्षक भी ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं. उसकी भी रिकॉर्डिंग होगी. साथ ही उसे भी छात्रहित में कॉलेज व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा.
स्थायी शिक्षक गर्मी छुट्टी के दौरान यदि अन्यत्र नहीं जाते हैं, तो कॉलेज के अन्य कार्यों में भी सहयोग कर सकते हैं. इसके बदले वे आवश्यकता के अनुसार बाद में छुट्टी ले सकते हैं. उक्त जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ प्रभात कुमार पाणि ने बताया कि गर्मी छुट्टी केवल शैक्षणिक कार्य से जुड़े लोगों यानी शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए है.
गैर शैक्षणिक कार्य करने वाले शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए यह छुट्टी नहीं है. गर्मी छुट्टी के दौरान वे अपनी ड्यूटी करेंगे.
विमेंस यूनिवर्सिटी में भी ऑनलाइन कक्षाएं लेंगे संविदा शिक्षक
जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में गर्मी छुट्टी के दौरान बीएड समेत सभी वोकेशनल कोर्स की कक्षाओं का ऑनलाइन संचालन होगा. विश्वविद्यालय के प्रवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि इस संबंध में राजभवन से निर्देश प्राप्त हुआ है.
यूनिवर्सिटी में बीएड के अलावा वोकेशनल कोर्स के तौर पर बीबीए, बीसीए, बीएससी आईटी, मास कम्यूनिकेशन, एमबीए, बायो टेक्नोलॉजी, डायटीशियन एंड न्यूट्रीशियन, वेलनेस मैनेजमेंट, बीपीएड समेत अन्य कोर्स की पढ़ाई होती है. ये सभी स्ववित्तपोषित (सेल्फ फाइनांसिंग) कोर्स हैं. इन सभी कोर्स का संचालन नीड बेस्ड संविदा शिक्षकों के माध्यम से किया जाता है.
बता दें कि अन्य विश्वविद्यालयों में भी गर्मी छुट्टी के दौरान नीड बेस्ड संविदा शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाएं लेने का निर्देश दिया गया है. राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में एक से 20 जून तक गर्मी छुट्टी हो रही है.
विश्वविद्यालय का आदेश हास्यास्पद: शिक्षक संघ
झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने कहा कि सरकार के संकल्प के अनुसार आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों को उचित मान सम्मान की बात कही गई है, लेकिन यह निर्णय उनकी प्रतिष्ठा को धुमिल करने वाला है.
इस निर्णय के अनुसार एक घंटे के कक्षा की रिकॉर्डिंग कर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय न सिर्फ अव्यवहारिक है अपितु हास्यास्पद भी है. अगर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों को उचित मान सम्मान और संकल्प के तहत कही गयी बातों के अनुरूप प्रत्येक महीने 57700 रु नहीं मिलेगा तो संघ इस मामले को लेकर महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति झारखंड से मिलकर इसके समाधान निकालने की मांग करेगा.
कहा कि एक घंटे की कक्षा का वीडियो रिकार्डिंग कराकर वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय को आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक नहीं मानेंगे. क्योंकि यह निर्णय अव्यवहारिक है.

