
उदित वाणी, रांची: देवघर के मैहर गार्डेन में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन भाजपा ने 8 पन्ने का राजनीतिक प्रस्ताव पारित करके राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए.
जबकि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनायी. भाजपा ने कहा कि हेमन्त सरकार स्वयं दिग्भ्रमित है और जनता को भी अपनी नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों से दिग्भ्रमित कर रही है. इसके साथ ही भाजपा ने राजनीतिक प्रस्ताव के जरिये जनता के समर्थन से हेमंत सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से उखाड़ फेंकने तथा भाजपा की सरकार आने पर राज्य में गुड गवर्नेंस देने का कमिटमेंट किया.
पार्टी ने जनता के हित में सड़क से सदन तक निरंतर संघर्ष करने तथा जनता के भावनाओं की अभिव्यक्ति बनने का भी संकल्प लिया. प्रदेश भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव पारित में हेमंत सरकार को युवा विरोधी बताया गया और कहा गया कि प्रत्येक वर्ष 5 लाख युवाओं को नौकरी देने का वायदा करनेवाली इस सरकार ने अब तक मात्र 357 लोगों को नौकरी दी तथा राज्य सरकार अब युवाओं को अंडा-मुर्गी पालने व ठेला लगाने की सलाह दे रही है.
विज्ञापन का सब्जबाग दिखा कर युवाओं को भाषा और बाहरी-भीतरी के नाम पर लड़ा रही है. स्थानीय नीति व नियोजन नीति के नाम पर यह सरकार खिलवाड़ कर रही है. जनता को दिग्भ्रमित करने के लिए नौवीं अनुसूची का बहाना बना रही है.
बिना नियोजन नीति के झारखंड में शिक्षा मंत्री द्वारा कॉन्ट्रैक्ट पर 50 हजार पारा शिक्षकों की बहाली की घोषणा करके युवाओं को दिग्भ्रमित किया जा रहा है. जेपीएसी की परीक्षाओं के परिणाम ने कट ऑफ मार्क्स पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है. अनुबंधकर्मियों के स्थायीकरण में भी सरकार की नीयत साफ नहीं है.
भाजपा ने अपने प्रस्ताव में हेमंत सरकार को पिछड़ा विरोधी बताया और कहा कि पिछडों की हितैषी बनने का नाटक करने वाली यह सरकार पंचायत चुनाव के बाद अब निकाय चुनाव भी बगैर पिछड़ों को आरक्षण दिए कराने की तैयारी कर रही है.
राज्य सरकार ने अब तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद पिछड़ों का आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए ट्रिपल टेस्ट कमिटी का गठन नहीं किया और पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी लंबित है. बिशेष सत्र बुलाकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाॅलीपाॅप थमा दिया गया. यही नहीं यह सरकार आदिवासी व दलित विरोधी भी है.
हेमंत सरकार के गठन के साथ ही चाईबासा में आदिवासियों का सामूहिक नरसंहार हुआ. सिद्धो कान्हू के वंशज रामेश्वर मुर्मू, होनहार दारोगा रूपा तिर्की व पशु तस्करों द्वारा संध्या टोपनो की हत्या कर दी गई.
दलित नवयुवक संजू प्रधान की माॅब लिंचिंग, दलित देबू तुरी की पुलिस कस्टडी में हत्या समेत कई मामलों ने राज्य सरकार की आदिवासी एवं दलित विरोधी चेहरा उजागर किया. जमीन माफियाओं व दबंगों द्वारा आदिवासी-दलित समाज की जमीन लूटी जा रही है. आदिवासी सीएम होने के बावजूद बलात्कार की शिकार पीड़ितों में सर्वाधिक आदिवासी व दलित समाज की बहन बेटियां हैं.
इस सरकार ने टीएसी के गठन को विवादित बना दिया. महिला विरोधी इस सरकार के कार्यकाल में अपराधियों और दुराचारियों के निशाने पर सबसे अधिक महिलाएं, बहनें व बेटियां हैं.
सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओ से राज्य शर्मसार हो रहा है. यह सरकार महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे पा रही है. यह सरकार किसान व गरीब विरोधी भी है. सरकार की हठधर्मिता एवं अदूरदर्शिता के कारण अन्नदाता बदहाल हैं. राज्य की उत्पाद नीति में सरकार स्वयं बैक फुट पर है और नवम्बर माह तक ही लक्ष्य से लगभग 600 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान राज्य को हुआ है.
जनहित की नीतियों को लागू कराने में विफल यह सरकार वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण, माॅब लिंचिंग व लव जिहाद को बढ़ावा दे रही है. पीएफआई से जुड़े लोगों ने आदिवासी लड़कियों से शादी करके संथाल परगना में लगभग 10 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी है और इलाके की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है.
राज्य में विधि व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. लगातार भाजपा एवं हिन्दुवादी नेताओं को टारगेट कर हमला किया जा रहा है और उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है. राज्य में शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है.
आयुष्मान भारत योजना में लूट मची है. राज्य में बिजली व्यवस्था ध्वस्त है. पेयजल पर सरकार गंभीर नहीं है. सड़कों की स्थिति दयनीय हो गयी है. सिंचाई एवं जल संचय में हेमंत सरकार की कोई रूचि ही नहीं है. वित्तीय कुप्रबंधन के कारण राज्य की चालू वित्तीय बर्ष में दिसम्बर तक 57259 करोड़ के योजना बजट में से 25305 करोड़ यानि मात्र 44 प्रतिशत राशि ही खर्च हुई और राज्य सरकार पैसे का रोना रोती है. जबकि खजाने में हजारो करोड़ रुपये पड़े हैं.
सरकार की मंशा जनता की सेवा करने की नहीं है बल्कि कमीशन खोरी को बढावा देकर बिचैलियों एवं दलालों को लाभ पहुंचाने की है. प्रदेश की सरकार केन्द्रीय योजनाओं को लेकर भी लापरवाही बरत रही है.

