
उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल के नेतृत्व में राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के. रविकुमार से मुलाकात की.
प्रतिनिधिमंडल में संघ के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, राजेन्द्र कुमार कर्ण, रामाकांत शुक्ला, संतोष कुमार शर्मा उपस्थित थे. प्रतिनिधियों ने शिक्षा सचिव को एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में यह मांग की गई कि शिक्षा विभाग से शिक्षकों के ड्यूटी अवधि को लेकर जो पत्र निर्गत हुआ है, उससे शिक्षक कष्ट में हैं.
पत्र में कहा गया है कि शिक्षकों को 8:45 से 4:00 बजे तक स्कूल में रहना अनिवार्य है। संघ ने कहा कि यह आदेश शिक्षकों के लिए बड़ा ही कष्टकर है. इससे शिक्षा का विकास ही नहीं विनाश ही संभव हो सकता है.
साथ ही साथ यह भी मांग की गई कि जमशेदपुर सहित कई जिलों में शिक्षकों को बीएलओ के कार्य में लगाया गया है जो बिल्कुल ही गलत है. जबकि सचिव के स्तर पर ही पिछले दिनों यह आदेश दिया गया था कि 5 जनवरी 2023 के बाद शिक्षक से बीएलओ का कार्य नहीं लिया जाएगा.
शिक्षा सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट आश्वासन दिया कि कोई भी शिक्षक स्कूल में चार बजे विद्यालय से प्रस्थान न करके तीन बजे ही कर सकता है. यदि किसी को कोई कार्य हो तो वह तीन बजे के बाद स्कूल से प्रस्थान कर सकता है, परंतु चार बजे तक रहना विद्यालय में शिक्षकों को आवश्यक नहीं है.
शिक्षक तीन बजे तक ही कार्य करेंगे और इसके बाद वह घर की ओर प्रस्थान करेंगे. सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को बुधवार को प्रदेश स्तर पर चल रही जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारियों की बैठक में ले जाकर इसी बैठक में शिक्षकों की ड्यूटी अवधि को लेकर इस बाबत घोषणा की.
सचिव खुद शिक्षकों के प्रतिनिधियों को उस बैठक में ले गए और वहां उन्होंने राज्य के सभी जिलों के डीईओ एवं डीएसई को तीन बजे तक ही शिक्षकों को विद्यालय में रहने का आदेश सुनाया. साथ ही यह निर्देश दिया कि कोई भी शिक्षक को तीन बजे से ज्यादा समय तक रुकने के लिए बाध्य नहीं करेगा.
सचिव ने यह भी कहा कि जिन जिलों में शिक्षक बीएलओ का काम कर रहे हैं वह अपने सभी कागजात को एईआरओ को तुरन्त समर्पित कर दें और बीएलओ कार्य से मुक्त हो जाएं.
छुट्टी के दिन परीक्षा तिथि, बदलने की मांग
झारखंड प्राथमिक शिक्ष संघ के जिला अध्यक्ष (पूर्वी सिंहभूम) अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (झारखंड सरकार) के निदेशक से रांची कार्यालय में मुलाकात की.
इसमें राजेंद्र कुमार कर्ण, रामाकांत शुक्ला और संतोष कुमार शर्मा भी शामिल थे. इसमें निदेशक कोब ताया गया कि कक्षा 1 से कक्षा 7 के छात्रों के लिए अर्धवार्षिक परीक्षा की तिथि 16 जनवरी से निर्धारित की गई है. निदेशक से निवेदन किया गया कि अर्धवार्षिक परीक्षा को आगे बढ़ाया जाए, 16 जनवरी को मकर संक्रांति (टुसू पर्व) के कारण बच्चों की उपस्थिति काफी कम रहती है.
कहा कि पूरे झारखंड प्रदेश का प्रमुख त्योहार है. प्रदेश के सभी स्थानीय निवासियों का इस पर्व से भावनात्मक लगाव है. हर जाति, वर्ग के लोगों द्वारा इस पर्व को किसी न किसी रूप में अवश्य मनाया जाता है.
कहने को तो मकर पर्व 14 या 15 जनवरी को है परंतु जमीनी स्तर पर पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को सप्ताह भर मनाया जाता है. झारखंडी भाषा में 16 जनवरी को आकान यात्रा मनाया जाता है. जो इस पर्व के महत्वपूर्ण दिन होता है, जिसे गांव में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.
टुसू पर्व की महत्ता को देखते हुए झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने निदेशक से 16 जनवरी को परीक्षा तिथि को परिवर्तन करने का मांग की है. इस पर निदेशक ने कहा कि बैठक में चर्चा कर इसपर निर्णय लिया जाएगा.

