
उदित वाणी, जमशेदपुर: राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) जमशेदपुर में 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया. समारोह के मुख्य अतिथि उज्ज्वल चक्रवर्ती, प्रबंध निदेशक, जमशेदपुर कंटीन्यूअस एनीलिंग एंड प्रोसेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (जेसीएपीसीएल) थे.
डॉ. अवनीश के. श्रीवास्तव, निदेशक, सीएसआईआर-एनएमएल (ऑनलाइन मोड के माध्यम से), डॉ. संदीप घोष चौधरी, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल, डॉ. शीतल कुमार पाल, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल, इस अवसर पर उपस्थित थे.
खनिज के क्षेत्र में एनएमएल का अहम योगदान
मुख्य अतिथि उज्ज्वल चक्रवर्ती ने सीएसआईआर-एनएमएल के साथ अपने लंबे जुड़ाव और तकनीकी सहयोग को याद किया, जब वे टाटा स्टील में विभिन्न पदों पर थे. उन्होंने सीएसआईआर-एनएमएल के प्रयासों की सराहना की.
चक्रवर्जी ने कहा कि खनिजों के प्रसंस्करण से लेकर सामग्री प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों तक में एनएमएल का अहम योगदान रहा है. उन्होंने सीएसआईआर-एनएमएल पर छोटे पैमाने के उद्योगों के नवाचार और आविष्कार की जरूरतों का समर्थन करने पर जोर दिया. क्योंकि व्यक्तिगत एमएसएमई अनुसंधान और विकास गतिविधियों के लिए आवश्यक निवेश वहन करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं.
उन्होंने जोर देकर कहा कि समान क्षेत्रों में काम करने वाले एमएसएमई के समूह को एक क्लस्टर बनाना चाहिए और फिर सस्ती कीमत पर तकनीकी विकास प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के साथ सहयोग करना चाहिए.
पोखरण में सफल परमाणु विस्फोट के सम्मान में प्रौद्योगिकी दिवस का आयोजन
समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल अनुसंधान एवं विकास फोकस और उपलब्धियों पर एक कैप्सूल वीडियो भी प्रदर्शित किया गया. डॉ. अवनीश के. श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का महत्व बताया.
उन्होंने कहा कि यह उत्सव 1999 में पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और प्रौद्योगिकीविदों को सम्मानित करने के लिए शुरू किया गया था, जिन्होंने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के लिए काम किया. 11 मई 1998 को राजस्थान में पोखरण परीक्षण हुआ था.
इस वर्ष के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का विषय है-“स्कूल टू स्टार्ट-अप्स-इग्नाइटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट”. रिसर्च प्लानिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट डिविजन के प्रमुख डॉ. शीतल कुमार पॉल ने 2022-23 के दौरान सीएसआईआर-एनएमएल की तकनीकी उपलब्धि पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी. डॉ. पाल ने बताया कि पिछले वर्ष के दौरान चार प्रौद्योगिकियों का लाइसेंस/वाणिज्यीकरण किया गया.
उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-एनएमएल के पास 65 से अधिक सक्रिय प्रौद्योगिकियों का पोर्टफोलियो है. डॉ. संदीप घोष चौधरी, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया.


