
उदित वाणी, जमशेदपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर में उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत “दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम सह ग्राम समृद्धि एवं ग्रामीण पर्यटन विकास कार्यशाला” का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों के ज्ञान, अनुसंधान एवं तकनीकी संसाधनों को ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए सहभागी, टिकाऊ और समाज-आधारित विकास मॉडल को प्रोत्साहित करना रहा.
कार्यक्रम का शुभारंभ 26 फरवरी को प्रातः 10 बजे प्रस्तावना, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ. इसके पश्चात अतिथियों का औपचारिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया. आरसीआई प्रमुख डॉ. शक्ति प्रसाद ने स्वागत भाषण में उन्नत भारत अभियान के उद्देश्यों, उसकी कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला.
प्रथम दिवस के मुख्य अतिथि डॉ. विक्रांत तिवारी ने उन्नत भारत अभियान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल बताया और “मड एंड मीडोज” पहल के माध्यम से प्रकृति एवं मानव के बीच संतुलन स्थापित करने पर बल दिया. विशिष्ट अतिथि प्रो. पी. के. सिंह ने ग्रामीण विकास में संस्थागत सहभागिता की आवश्यकता रेखांकित की. मुख्य वक्ता वरुण विद्यार्थी ने छात्रों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण समस्याओं के समाधान का आह्वान किया, जबकि विशेष वक्ता डॉ. पुष्पेंद्र यादव ने तकनीकी नवाचार को सतत विकास से जोड़ने की आवश्यकता बताई.
संस्थान के डीन (अनुसंधान एवं परामर्श) प्रो. सतीश कुमार ने शिक्षा संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी और ग्राम-संस्थान सहभागिता को सुदृढ़ करने पर बल दिया. उपनिदेशक प्रो. आर. बी. शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
कार्यशाला के प्रथम दिवस में तकनीकी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और ग्राम-आधारित समाधानों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ. इस दौरान बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, रांची से संबद्ध राजीव कुमार ने मूल्य संवर्धन, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन तथा गोबर आधारित उत्पादों पर अपने विचार साझा किए. ऋषिकांत सागर ने शहरी कृषि और सतत खेती के महत्व को रेखांकित किया.
द्वितीय दिवस की मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा उरांव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, द ओपन फील्ड, ने सामाजिक उद्यमिता, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और समुदाय-आधारित उत्पादन प्रणाली को संगठित एवं आत्मनिर्भर बनाने पर अपने विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने बताया कि उनका संस्थान ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों को बाजार से जोड़ते हुए स्थानीय उत्पादों के मूल्यवर्धन, महिला समूहों के सशक्तिकरण और टिकाऊ आजीविका के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है.
कार्यक्रम में उन्नत भारत अभियान समन्वयक डॉ. अरुण कुमार रॉय महतो, के. बी. कॉलेज, बेरमो सहित अनेक शिक्षाविदों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही. यह आयोजन ग्रामीण विकास के प्रति एनआईटी जमशेदपुर की प्रतिबद्धता और राष्ट्र निर्माण में उसकी सक्रिय भूमिका का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया.

