
उदित वाणी, जमशेदपुर : मंगलवार शाम जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीगोड़ा जनता रोड पर एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय स्थानीय निवासी अभीनंदन रजक की बिजली पोल में करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग की घोर लापरवाही को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है।
जानकारी के अनुसार, अभीनंदन रजक रोज की तरह काम से लौट रहे थे। इसी दौरान वे जर्जर हालत में खड़े एक बिजली पोल के संपर्क में आ गए, जो करंट से लैस था। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक वह अचेत होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर पश्चिम गदड़ा की मुखिया सुनीता नाग घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। मुखिया ने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीते सात वर्षों से इलाके में जर्जर और खतरनाक बिजली पोल की लिखित शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन विभाग ने कभी संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले एक बकरी की करंट से मौत हो चुकी थी, जो एक चेतावनी थी, मगर विभाग ने उसे नजरअंदाज कर दिया।
मुखिया सुनीता नाग ने बताया कि उन्होंने कई बार एसडीओ और संबंधित अभियंताओं से संपर्क किया, पर किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे बस्तीवासियों के साथ मिलकर बिजली विभाग का घेराव करेंगी। साथ ही उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने पर झामुमो के केंद्रीय सदस्य दुबराज नाग भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया और कहा कि यह हादसा पूरी तरह से विभाग की लापरवाही का नतीजा है। दुबराज नाग ने प्रशासन से मांग की कि मृतक परिवार को तत्काल राहत राशि दी जाए और दोषियों को सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी विभाग की कार्यशैली पर नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने मरम्मत या पोल को बदलने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। “अगर समय रहते ध्यान दिया गया होता, तो अभीनंदन आज जीवित होते,” एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा।
मृतक अभीनंदन रजक पेशे से ड्राइवर थे और परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और वृद्ध माता-पिता हैं। हादसे के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है। इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दुर्घटना को टालने लायक मान रहा है।
फिलहाल विद्युत विभाग के जीएम के साथ वार्ता जारी है। अब सबकी निगाहें प्रशासन और विभाग पर टिकी हैं कि वे कितनी गंभीरता से इस मामले को लेते हैं और क्या कोई जवाबदेही तय होती है या नहीं।
यह हादसा एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि कब तक आम नागरिकों की जान विभागीय लापरवाहियों की भेंट चढ़ती रहेगी। क्या इस बार भी कार्रवाई केवल कागज़ों तक सीमित रह जाएगी, या वास्तव में कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे—यह आने वाला वक्त बताएगा।
