
विधानसभा की आश्वासन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
उदित वाणी, जमशेदपुर: नक्सली वारदातों में मारे गए ग्रामीणों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा. इस संबंध में परिजनों के आवेदन व अन्य सूत्रों से मिले प्रमाण के आधार पर मुआवजा के लाभुकों की सूची तैयार की जाएगी.
गुरुवार को विधानसभा की आश्वासन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में जिले से संबंधित 52 लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई.
सर्किट हाउस में सभापति दीपक बिरुवा की अध्यक्षता वाली समिति ने बैठक कर अधिकारियों को इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया. गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र के कर्लाबेड़ा टोले में 2010 में नक्सलियों के हाथों मारे गये तीन ग्रामीणों के आश्रितों को आज तक मुआवजा और नौकरी नहीं मिलने के मामले को भी सुना गया.
इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से बताया गया कि चूंकि इस इस घटना की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, इसके कारण मुआवजा और नौकरी नहीं दी जा सकी.
इस पर बिरुवा ने कहा कि विभागीय सचिव के साथ होने वाली अगली बैठक में इस मामले को उठाया जाएगा और मृतकों के परिजनों के आवेदन को ही प्राथमिकी मानकर नौकरी और मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी.
दूसरी ओर, विधायक सरयू राय के 86 बस्ती से संबंधित पांच-छह आश्वासन के मामले भी बैठक में उठे. सभापति दीपक बिरुवा ने बताया कि विधान सभा में विधायकों के सवालों पर मंत्री की ओर से जो आश्वासन दिये जाते हैं, उन्हीं में से जो मामले क्रियान्वित नहीं हो पाते, आश्वासन समिति उन्हीं मामलों को सुनती है.
समिति के तीन अन्य सदस्य अंबा प्रसाद, वैद्यनाथ राम और लंबोदर महतो इस बैठक में नहीं पहुंचे.

