
उदित वाणी, जमशेदपुर : मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (एमटीएमएच) में “पिंक अक्टूबर” माह के अवसर पर स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. स्नेहा झा, विभागाध्यक्ष, विकिरण ऑन्कोलॉजी ने किया. कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना, प्रारंभिक जांच की आवश्यकता और समय पर उपचार के महत्व को उजागर करना था.

तीन सर्वाइवर महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए
इस अवसर पर एमटीएमएच में उपचार प्राप्त कर चुकी तीन साहसी महिलाओं ने मंच साझा कर अपनी अनूठी उपचार यात्रा सुनाई. उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से यह संदेश दिया कि स्तन कैंसर का उपचार न केवल संभव है, बल्कि सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन से जीवन फिर से सामान्य बनाया जा सकता है.
कैंसर से डरने की नहीं, लड़ने की जरूरत
डॉ. स्नेहा झा ने अपने संबोधन में कहा कि हर कहानी अनोखी है और हर यात्रा महत्वपूर्ण. जागरूकता, नियमित जांच और उम्मीद ही स्तन कैंसर से लड़ाई के सबसे मजबूत हथियार हैं. कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सा कर्मियों और प्रतिभागियों ने सभी सर्वाइवर महिलाओं का सम्मान किया और समाज में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया. एमटीएमएच परिवार की यह पहल न केवल मरीजों के लिए प्रेरणादायक रही, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि “कैंसर से डरने की नहीं, लड़ने की ज़रूरत है.”

