
उदित वाणी, जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल की अव्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है. गुरुवार की रात वेंटिलेटर की कमी के कारण एक मरीज की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया.
जानकारी के अनुसार, मरीज को गंभीर सांस की तकलीफ के बाद परिजन इमरजेंसी विभाग में लेकर पहुंचे. वहां वेंटिलेटर उपलब्ध न होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. इसी क्रम में उसकी मौत हो गई.
स्वजनों का आरोप है कि मरीज को इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद लंबे समय तक उपचार शुरू नहीं किया गया. उनका कहना था कि यदि समय पर इलाज मिलता और वेंटिलेटर उपलब्ध होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी.
वहीं, इमरजेंसी विभाग के इंचार्ज डॉ. अनूप कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि मरीज के पहुंचते ही तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया था. ड्यूटी पर वे खुद मौजूद थे और पूरी टीम ने हर संभव प्रयास किया.
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में शोरगुल किया. हालात बिगड़ते देख सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के जवानों को हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने स्थिति को संभालते हुए परिजनों को शांत कराया.
यह घटना एक बार फिर एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े करती है. वेंटिलेटर जैसी जीवनरक्षक सुविधा की कमी से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.

