
उदित वाणी, जमशेदपुर: आजादी के अमृत महोत्सव के तहत कार्यक्रमों की श्रृंखला में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशानिर्देश पर हार्टफूलनेस संस्थान के सहयोग से जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के योग विभाग ने ‘हर दिल ध्यान- हर दिन ध्यान’ कार्यक्रम का आयोजन किया.
विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ इसका शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में कुलपति प्रो.(डॉ) अंजिला गुप्ता ने ध्यान के बारे में बताया कि ध्यान की परंपरा अति प्राचीन है. यह प्राचीन भारत की बहुमूल्य संपत्ति है. ध्यान के द्वारा आध्यात्मिक, मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक एवं सभी प्रकार की शक्तियों का विकास होता है तथा सुख शांति एवं स्वास्थ्य के अन्वेषण में सफलता मिलती है.
मानसिक असंतुलन को संतुलन में बदलने के लिए, चित्त वृत्तियों के बिखराव को एकीकरण के द्वारा एकाग्रता की स्थिति में लाने के लिए ध्यान से श्रेष्ठ कोई उपाय नहीं है.
ध्यान कार्यक्रम को संपन्न कराने आए हार्टफुलनेस संस्थान के जोनल हेड एसएल नारायण ने संबोधित करते हुए ध्यान की विशेषताओं को बताया। मालिनी ने सभी को ध्यान का अभ्यास कराया. कार्यक्रम को विश्वविद्यालय की डीएसडबल्यू डॉ. किश्वर आरा एवं शिक्षा संकाय के संकाय अध्यक्ष डॉ संजय भुईयां ने भी संबोधित किया.
योग विभाग के आचार्य रविशंकर नेवार ने सक्रियता के साथ व्यवस्थित रूप से कार्यक्रम को संपन्न कराया. इस कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्थान से कल्पेश मेहता, राजन गुप्ता, स्वर्णिमा प्रसाद, रूबी सिंह आदि उपस्थित थे.
मंच संचालन योग विभाग की छात्रा श्वेता कुमारी एवं कंचन द्वारा, योग नृत्य मिली एवं बीना द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन अर्चना द्वारा किया गया. योग विभाग की सभी छात्राओं ने सामूहिक शांति पाठ से कार्यक्रम का समापन किया. योग, शिक्षा एवं अन्य विभाग की अनेकों छात्राओं ने इसमें भाग लिया.

