
उदितवाणी, जमशेदपुर: कृषि उत्पादन बाजार समिति की दुकानों एवं गोदामों का चुनाव कार्य में इस्तेमाल अगर बेहद जरूरी हुआ तभी हो सकेगा. यदा-कदा चुनाव के नाम पर परिसर का इस्तेमाल किए जाने पर हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. हाई कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक परिसर के गोदामों में ईवीएम भंडारण करने से व्यावसायिक गतिविधियां टप्प हो जाती हैं.
ऐसे में राज्य सरकार को इस संबंध में स्थायी रूप से अन्यत्र व्यवस्था करनी चाहिए. हाई कोर्ट ने उक्त टिप्पणी झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से दायर रिट याचिका की सुनवाई करते की.
उक्त रिट याचिका प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा ईवीएम भंडारण के लिये गोदाम के रूप में कृषि बाजार समिति की दुकानों एवं गोदामों का उपयोग करने से रोकने के लिये की गयी थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुये उच्च न्यायालय ने वर्ष 2013 में दायर एक पीआईएल में पारित आदेश का हवाला दिया.
जिसमें राज्य सरकार (अधिकारियों) को स्पष्ट आदेश दिया गया था कि चुनाव के लिये अथवा चुनाव के बाद मतपत्रों या ईवीएम को रखने के लिये आवश्यक भूमि/स्थान चिन्हित कर इसका आवंटन किया जाना चाहिए. इसके लिये व्यवसायिक स्थानों, बाजार समिति की दुकानों और गोदामों को अधिक समय तक प्रशासनिक कब्जे में नहीं रखा जा सकता है.
चुनाव कार्य लिए स्थायी भवन बनाने को कहा था
हाई कोर्ट ने वर्ष 2017 में पारित आदेश में कहा था कि चूंकि चुनाव समय-समय पर होते रहते हैं, इसलिये भूमि का चयन और आवंटन के पश्चात् इसपर स्थायी रूप से चुनाव कार्य के लिए भवन का निर्माण किया जाय.
जो इसका स्थाई समाधान होगा. इससे व्यवसायिक स्थलों, दुकानों, गोदामों को कब्जे में लेने की आवश्यकता नहीं होगी.

