
मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से वंचित वर्गों के युवाओं के सपनों को मिलेगी उड़ान
उदित वाणी, रांची: ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा भी राज्य के पांच छात्र- छात्राओं को मरङ गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी. जिसके तहत राज्य के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एण्ड नॉर्थेन आयरलैण्ड के चयनित संस्थानों अथवा विश्वविद्यालयों के चयनित पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी. इस योजना के तहत झारखण्ड सरकार एवं ब्रिटिश उच्चायुक्त द्वारा शेवनिंग-मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से इस संबंध में राज्य सरकार, विदेश राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय यएफसीडीओद्ध ब्रिटिश उच्चायोगए नई दिल्ली के साथ तीन साल का एमओयू किया जायेगा. अब राज्य के एसटी, एससी, ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग के 25 छात्र-छात्रायें 31 पाठयक्रमों के लिए शत-प्रतिशत छात्रवृति पर जा सकेंगे विदेश इधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राज्य के छात्र-छात्राओं के विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए शुरू की गई मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय स्कॉलरशिप योजना को भी विस्तार दिया गया.
पूर्व में इस योजना के तहत सिर्फ अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकतम 10 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही थी. लेकिन अब अन्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए भी इस योजना की शुरूआत की गई और अब राज्य के अधिकतम 25 छात्र-छात्राओं को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया है.
जिसमें राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 10 छात्र-छात्राओं के अलावा अनुसूचित जाति के अधिकतम 5, अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकतम 3 एवं पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 7 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को भी विदेशों में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर दिया जायेगा. उक्त सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं का चयन करके प्रत्येक बर्ष विदेशों में स्थित अग्रणी विश्वविद्यालयों व संस्थानों के चयनित पाठयक्रमों में उच्च शिक्षा यथा मास्टर्स डिग्री, एमफिल इत्यादि के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत विषयों को भी 22 से बढ़ाकर 31 कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य के वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश स्थित शिक्षण संस्थानों में शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप पर भेजने की महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप दिया गया है.

