
उदित वाणी जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि पप्पू सिंह, पिंटू सिंह और संतोष भगत ने मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि निगम मानगो क्षेत्र में विकास कार्य कराने में पूरी तरह अक्षम हो चुका है. कार्यों में लगातार शिथिलता बरती जा रही है, जिससे जनता में भारी रोष है.
तीनों प्रतिनिधियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि मानगो में नगर विकास विभाग से जुड़ी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई हैं. 17 फरवरी 2025 को योजना चयन समिति की बैठक के बाद मानगो नगर निगम द्वारा 25 अगस्त 2025 को कई योजनाओं के लिए निविदाएं निकाली गईं, लेकिन आज तक कोई भी कार्य धरातल पर नहीं उतर सका है. उनका आरोप है कि उप नगर आयुक्त द्वारा किसी न किसी बहाने जानबूझकर प्रक्रिया को रोका जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि यदि चार माह पूर्व निविदाएं निकाली गई थीं, तो 120 दिनों के भीतर उनका निपटारा क्यों नहीं हुआ. आखिर इन्हें रोका कौन रहा है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है. उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार की भूमिका की जांच कराने की मांग की है. साथ ही यह भी पूछा गया कि 25 अगस्त को निकाली गई निविदाओं की वैधता अवधि क्या है और उनका निष्पादन कब तक होना था.
बयान में यह भी कहा गया कि विगत विधानसभा चुनाव के बाद योजना चयन समिति द्वारा स्वीकृत योजनाओं में से अधिकांश की निविदाएं निकाली गईं, लेकिन एक भी योजना अब तक धरातल पर नहीं उतरी है. कई बार टेंडर निकाले गए, फिर रद्द कर दिए गए, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका. इस स्थिति से मानगो की जनता विकास से वंचित होती जा रही है.
जनसुविधा प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उप नगर आयुक्त नियमित रूप से मानगो नगर निगम कार्यालय में भी उपस्थित नहीं रहते, जिससे आम लोग उनसे मिल नहीं पाते. वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन अब तक विकास मद की एक भी राशि खर्च नहीं की गई है. उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और ठोस कार्रवाई की मांग करेगा.

