
उदित वाणी, जमशेदपुर : मानगो ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित कुंवर बस्ती के समीप गुरुवार देर रात एक हृदयविदारक घटना में 40 वर्षीय सुरक्षा गार्ड संजय वर्मा की नाले में डूबने से मौत हो गई. यह हादसा उस वक्त हुआ जब वे लगातार हो रही बारिश के बीच चाणक्य पुरी सोसाइटी के पास स्थित नाले को पार करने की कोशिश कर रहे थे. तेज बहाव और जलजमाव के कारण संजय का संतुलन बिगड़ा और वे बहते पानी में समा गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार रात इलाके में जोरदार बारिश हो रही थी. चाणक्य पुरी सोसाइटी के समीप बहने वाला नाला पूरी तरह उफान पर था और उसका पानी सड़क पर फैल गया था. संजय वर्मा अपने घर लौटने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें अंदेशा नहीं था कि नाले का बहाव इतना खतरनाक हो सकता है.

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने तत्परता दिखाते हुए संजय को नाले से बाहर निकाला और गंभीर स्थिति में तत्काल एमजीएम अस्पताल ले जाया गया. हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
संजय वर्मा कुंवर बस्ती के स्थायी निवासी थे और एक निजी संस्था में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत थे. वे अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे. उनकी असामयिक मृत्यु से इलाके में शोक की लहर फैल गई है.
स्थानीय निवासी रवि कुमार ने कहा, “हर साल बारिश में यह नाला जानलेवा हो जाता है. आज एक जान चली गई, कल कोई और हो सकता है. हम लोग कई बार नगर निगम और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला.”
पूर्व में भी हो चुकी हैं घटनाएं
गौरतलब है कि मानगो क्षेत्र में नालों के कारण पूर्व में भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. जानकारों का कहना है कि अगर नालों की समय पर सफाई हो, किनारों पर रैलिंग और अलर्ट सिस्टम लगे तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है.
संजय वर्मा की मौत ने मानगो इलाके की सुरक्षा व्यवस्थाओं और नाले जैसी बुनियादी समस्याओं को फिर से सामने ला दिया है. बारिश के मौसम में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन अफसोस कि हर साल वही हालात, वही शिकायते और वही लापरवाही दोहराई जाती है. जब तक स्थायी समाधान नहीं होंगे, तब तक हर मानसून ऐसी ही कोई दुखद कहानी छोड़ जाएगा.

