
हटेगा सब्जी बाजार, दुकानदारों को नोटिस, निगम कार्यालय में किया प्रदर्शन
उदित वाणी, जमशेदपुर: मानगो गांधी मैदान का सौंदर्यीकरण करने की योजना पर अब काम शुरू होगा. इसके लिए यहां कोरोना काल के समय से लगने वाली सब्जी मंडी के दुकानदारों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है.
नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया. निगम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. दुकानदारों का कहना है कि उन्हें डिवाइडर से हटाकर गांधी मैदान लाया गया था.
अब गांधी मैदान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है. दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकान जम चुकी है. अब उन्हें फिर से उजाड़ा जा रहा है. अब वे कहां जाएंगे?
मानगो ब्रिज के बगल में दुकानदारों को शिफ्ट करने की योजना
मानगो गांधी मैदान से हटाए जाने वाले दुकानदारों को मानगो ब्रिज के बगल में बने वेंडर जोन में शिफ्ट करने की योजना है. लेकिन यहां सुविधाओं के अभाव में कोई भी दुकानदार जाना नहीं चाहता है.
मानगो के गांधी मैदान में लगभग ढाई सौ दुकानदार सब्जी की दुकान लगाते हैं. दुकानदारों का कहना है कि वह यहां से कहीं नहीं जाएंगे. वेंडर जोन में दुकानदारी नहीं चलेगी. वहां ग्राहक आना नहीं चाहते हैं.
प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, टीवीसी सदस्य कृष्णा प्रमाणिक, बीरेंद्र सिंह, उपेंद्र शर्मा, पथ विक्रेता रामु पोद्दार, बबलू पोद्दार, विकास बड़ाल, तारक पाल, अजय कुमार एवं सैकड़ो दुकानदार सम्मिलित थे.
बताते चलें कि झारखंड स्ट्रीट वेंडर्स यूनियन एवं नेशनल हॉकर फेडरेशन के बैनर तले मानगो गांधी मैदान के दुकानदार आंदोलन कर रहे हैं. झारखंड स्ट्रीट वेंडर्स यूनियन के सचिव उत्तम चक्रवर्ती ने कहा कि पथ विक्रेता आजीविका संरक्षण अधिनियम 2014 के तहत फुटपाथी दुकानदारों को वेंडिंग जोन बनाकर व्यवस्थित किया जाना है. फुटपाथी दुकानदारों के लिए कानून में आजीविका का प्रावधान किया गया है.
कोरोना संक्रमण काल में प्रशासन के द्वारा इन दुकानदारों को यहां बैठाया गया था. अब एकाएक हटाए जाने का अल्टीमेटम दे दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से टाउन वेंडिंग कमिटी का गठन किया गया है.
उक्त कमिटी में 12 फुटपाथ दुकानदारों को शामिल किया गया है. उक्त कमिटी इस मामले में विचार कर दुकानदारो की आजीविकों को संरक्षित रखने के लिए वेंडिंग जोन अथवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था करे.
दुकानदारों को मिला पीएम स्वनिधि योजना का लाभ
दुकानदारों का सर्वे कर उन्हें पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिया गया है. उनके स्वरोजगार के लिए लोन मुहैया कराया गया है. दुकानदारों को सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है. अब वही नगर निगम उन्हें बेरोजगार करना चाहता है.

