
उदित वाणी, जमशेदपुर: लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज के स्नातक डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स की ओर से विभागीय व्याख्यान का आयोजन किया गया. व्याख्यान का विषय-मूल्य निर्धारण और बाज़ार संरचना के स्वरूप थी.
व्याख्यान की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि दरअसल जरूरतों और वस्तुओं के बीच की एक जगह का नाम बाज़ार है. वास्तव में जरूरत कि चीजों की आपूर्ति के लिए ही बाज़ार अस्तित्व में आया. वर्तमान समय में बाज़ार की क्या भूमिका हो इस पर भी प्रकाश डाला. आज के समय में दुनिया की कल्पना बाजार के बिना संभव ही नहीं है.
मुख्य वक्ता डॉ. ग्लोरिया पूर्ति (डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस मैनेजमेंट, जमशेदपुर वूमेंस विश्वविद्यालय) ने कहा कि किसी भी वस्तु के मूल्य निर्धारण में समय तत्व का विशेष महत्व होता है.
वस्तु का मूल्य हमेशा मांग और पूर्ति की सापेक्षिक शक्तियों के द्वारा निर्धारित होता है. बाजार में मांग और पूर्ति की सापेक्षिक शक्तियों के बीच रस्साकशी होती है. कभी मांग, पूर्ति से ज्यादा हो जाती है तो कभी पूर्ति, मांग से ज्यादा हो जाती है किन्तु इन दोनों शक्तियों को पूर्ण संतुलन बिन्दु तक पहुंचने में समय लगता है. तब तक बाजार में अस्थायी साम्य बना रहता है.
मंच संचालन डॉ. कुमारी रानी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कॉमर्स के विभागाध्यक्ष डॉ. अजेय वर्मा ने किया. इस मौके पर प्रो. विनोद कुमार, डॉ. अरविंद पंडित, डॉ. शबनम परवीन, प्रो. प्रमिला किस्कू तथा छात्र- छात्राएं उपस्थित थी.

