
उदित वाणी, जमशेदपुर: सिद्धगोड़ा बालाजी मंदिर में ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन, सुबह 8:00 बजे से लक्ष्मी गणपति का होमम आयोजित किया गया. इस पूजा को पुरोहितों द्वारा पूरी विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न किया गया. इस अवसर पर बालाजी मंदिर के सभी सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने इस पावन कार्य में भाग लिया.
श्री वरही पूजा का महत्व
शाम 3:00 बजे भगवान बालाजी का मूल मंत्र जाप हुआ, जो भक्तों के दिलों में आध्यात्मिक उन्नति का संचार करने वाला था. इसके बाद, 4:00 बजे श्री वरही पूजा का आयोजन हुआ, जिसमें सभापति कमला शर्मा, आर. यस. एन. राजू और बालाजी मंदिर समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे. इस पूजा के बारे में कमला शर्मा ने बताया कि वरही अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों में तीसरा अवतार है.
धन, स्वास्थ्य और सुख-शांति की प्राप्ति
कमला शर्मा ने कहा कि वरही पूजा से धन, स्वास्थ्य और सुख-शांति की प्राप्ति होती है. यह पूजा मन के विकारों को दूर करती है, आत्मविश्वास बढ़ाती है और बुराइयों से मुक्ति दिलाती है. इसके साथ ही, भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी पापों का नाश होता है.
सम्पूर्ण सहयोग से पूजा की सफलता
इस पूजा को सफल बनाने में डी. रामु, पदमा, भानु, सोनी, रामादेवी, साधना, लक्ष्मी, उमा, प्रमिला, पार्वती, नूतन, दुर्गा, लता, आरुणा, रानी, इन्नी रवि, प्रसाद राव, मुखुद राव, रवि रामचंद्रान, नरसिंह राव, रामा टीचर, अप्पा राव और अन्य सभी सदस्य शामिल थे, जिन्होंने पूजा में सक्रिय भागीदारी निभाई.

