
वोकेशनल कोर्स शुरू करने को 20 छात्रों का एडमिशन अनिवार्य, इस साल से सभी कॉलेज में बीबीए-बीसीए
उदित वाणी, जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई शुरू करने के लिए छात्रों की कमी समस्या बन सकती है. ऐसा इसलिए, क्योंकि मानकों के मुताबिक कालेज में किसी भी कोर्स को शुरू करने के लिए कम से कम 20 विद्यार्थियों का उस कोर्स में दाखिला लेना अनिवार्य है.
इस लिहाज से कोल्हान विवि के कई कालेजों के लिए इस बार छात्रों का दाखिला करा पाना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है, क्योंकि पहले ही यूजी में दाखिले का संकट चल रहा है. दरअसल कोल्हान विवि की ओर से नए सत्र से सभी कालेजों में बीबीए-बीसीए की पढ़ाई शुरू का संकल्प लिया गया है. इसके लिए सभी कॉलेजों को विश्वविद्यालय की ओर से निर्देशित कर दिया गया है.
इस दिशा में कॉलेजों ने कवायद भी शुरू कर दी है, लेकिन इस कोर्स को शुरू करने में बड़ी समस्या विद्यार्थियों की संख्या बन रही है. अगर बीबीए-बीसीए में प्रति कॉलेज कम से कम 20-20 विद्यार्थियों ने दाखिला नहीं लिया तो इसकी पढ़ाई कॉलेजों में शुरू नहीं की जा सकती.
पहले से ही सरकारी कॉलेजों में बीबीए-बीसीए के विद्यार्थियों का संकट रहा है.
ऐसे में अब जब सभी कॉलेजों में यह कोर्स शुरू किया जाना है तो विद्यार्थियों का मिल पाना मुश्किल ही प्रतीत हो रहा है. उदाहरण के तौर पर एलबीएसएम कॉलेज करनडीह की ही बात ले लीजिए. पिछले साल यहां बीबीए की पढ़ाई शुरू की गई थी, लेकिन उस समय कॉलेज को सिर्फ 10 ही विद्यार्थी मिले थे. इस बार यहां बीबीएस-बीसीए दोनों की पढ़ाई शुरू की जा रही है.
इसके लिए पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर दाखिला भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन इस बार 20-20 दाखिले की संख्या पूरी करना बड़ी चुनौती है. अगर कम से कम 20 दाखिले भी नहीं हो पाते हैं तो कोर्स को तकनीकी रूप से शुरू नहीं किया जा सकेगा. बीबीए-बीसीए में दाखिला लेने में बड़ी बाधा इसकी मोटी फीस है. इन दोनों कोर्स के लिए सात हजार से लेकर 10 हजार प्रति सेमेस्टर फीस रखी गई है.
सरकारी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह रकम बड़ी है. इस कारण नामांकन पर्याप्त नहीं हो पाता है. एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा कहते हैं कि हम 20 से अधिक एडमिशन के लिए प्रयासरत हैं. उम्मीद है कि हमें विद्यार्थी मिल जाएंगे. नहीं मिले तो समस्या हो सकती है.
केयू को सेंट्रल स्कॉलरशिप का आवेदन सुनिश्चित करने का निर्देश
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग को सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं. इस स्कॉलरशिप के लिए यूजी स्तर की पढ़ाई के लिए 12 हजार रुपये सालाना व स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई के लिए 20 हजार रुपये सालाना केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से दिये जाते हैं.
इस स्कॉलरशिप के लिए झारखंड के विश्वविद्यालयों से 1878 विद्यार्थियों का चयन किया जाना है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या आठ स्टेट विवि मिलकर भी पूरा नहीं कर पाते हैं. इस कारण अब उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक सूरज कुमार ने कोल्हान विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर हर हाल में विवि के विद्यार्थियों से इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने सुनिश्चित करने को कहा है.
बाकायदा इसके लिए विश्वविद्यालय को इसकी जानकारी विवि की वेबसाइट में देने, कालेजों के सूचना पट्ट पर प्रकाशित करने व कॉलेजों के व्हाट्सएप ग्रुप पर इसकी सूचना प्रसारित करने समेत इसे लेकर सम्मेलन-कार्यशाला करने के निर्देश दिए हैं. इसमें वैसे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने वर्ष 2022 में इंटर की परीक्षा पास की है और उन्हें टाप 20 परसेंटाइल अंक प्राप्त हुए हों.
इसके लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर ऑनलइन आवेदन किया जा सकता है. 21 अक्तूबर 2022 तक इसका आवेदन लिया जाएगा. इस बाबत पत्र झारखंड एकेडेमिक काउंसिल ने भी कोल्हान विश्वविद्यालय व सभी अंगीभूत कॉलेजों को भेजा है.

