
उदित वाणी, सरायकेला: गम्हरिया 5th फेज में स्थित विजयश्री ऑटोकॉम लिमिटेड कंपनी के बाहर मजदूरों ने न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, बोनस और सेफ्टी जैसे बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में मजदूर कंपनी गेट के समक्ष इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाया कि पिछले 8 से 10 सालों से इस फैक्ट्री में काम कर रहे कामगारों को आज तक पीएफ, बोनस एवं ईएसआईसी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रखा गया है। महिला मजदूरों को मात्र 290 रुपये और पुरुष मजदूरों को 300 से 310 रुपये प्रतिदिन मजदूरी रेट दिया जाता है, जो कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का उल्लंघन है।
मजदूरों के अनुसार कंपनी में लोहा का काम चलता है, परंतु सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। इससे पूर्व भी कंपनी में कई घटना घट चुकी है। मजदूर ने साफ कर दिया है कि जब तक कंपनी प्रबंधन द्वारा न्यूनतम मजदूरी और अन्य श्रम अधिकार नहीं मिलते हैं, तब तक वे कार्यस्थल पर नहीं लौटेंगे।
कंपनी प्रबंधन का पक्ष लेने से इनकार
इस संबंध में कंपनी के ठेकेदार से न्यूनतम मजदूरी को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा जो मजदूरी रेट मिलता है, वही हम मजदूर को देते हैं। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने किसी भी तरह की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य गणेश माहली और झामुमो के गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी ने कंपनी के सीईओ अंकुश अग्रवाल से वार्ता की और सोमवार तक का समय लिया। गणेश माहली ने कहा कि महागठबंधन की सरकार किसी भी प्रकार से गरीब मजदूरों का शोषण होने नहीं देगी और सरकारी नियमावली के अनुसार भुगतान कंपनियों को करना पड़ेगा।
विजय श्री कंपनी में वर्ष 2021- 2022 के बाद अब तक कोई इंक्रीमेंट नहीं हुआ है, जिससे मजदूरों में आक्रोश है। अब देखना यह है कि कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाता है।

