
उदित वाणी, जमशेदपुर : शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर रामकृष्ण मिशन, बिष्टुपुर में आयोजित श्री श्री दुर्गा पूजा के अंतर्गत मंगलवार को परंपरागत कुमारी पूजन विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ. इस मौके पर मिशन परिसर में भक्तों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी.
कुमारी पूजन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच हुई. मिशन के संन्यासियों ने कहा कि कुमारी पूजन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें कन्याओं में माँ दुर्गा के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया जाता है. नौ वर्ष से कम आयु की चुनिंदा बालिकाओं को आमंत्रित कर उनके चरण पखारे गए, उन्हें नवदुर्गा का स्वरूप मानकर विशेष पूजा अर्चना की गई. तत्पश्चात उन्हें उपहार और प्रसाद भेंट किया गया.

पूजन समारोह में भक्ति-भाव से परिपूर्ण वातावरण रहा. भक्तों ने विधिवत आरती में भाग लिया और माता रानी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा. इस दौरान महिला भक्तों ने पारंपरिक गीत गाए, वहीं युवाओं और बच्चों ने भी विशेष रूप से तैयार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं.
रामकृष्ण मिशन के स्वामीगण ने अपने संदेश में कहा कि कुमारी पूजन हमें यह सीख देता है कि प्रत्येक स्त्री में शक्ति स्वरूपा माँ का वास है. समाज में नारी का सम्मान और उनके प्रति आदर भाव बनाए रखना ही सच्चा धर्म है. उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि इस पर्व को केवल आडंबर न मानें, बल्कि इसके संदेशों को जीवन में आत्मसात करें.
पूजा के बाद मिशन की ओर से भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, शांति और आध्यात्मिक गरिमा का अद्भुत संगम देखने को मिला.
श्री श्री दुर्गा पूजा के अंतर्गत रामकृष्ण मिशन, बिष्टुपुर में प्रतिदिन विशेष अनुष्ठान, संध्या आरती और भजन-कीर्तन हो रहे हैं. दशमी तक यहां भक्तों का तांता लगा रहेगा. कुमारी पूजन के अवसर पर आए श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण की प्रशंसा की और कहा कि रामकृष्ण मिशन की दुर्गा पूजा पूरे शहर की आध्यात्मिक धरोहर है.

