
उदित वाणी, जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह अप्रैल महीने में आयोजित किया जाएगा. इसमें देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाएगा.
राष्ट्रपति किस तिथि को उपलब्ध हो पाएंगी उसके आधार पर दीक्षांत समारोह की तिथि निर्धारित की जाएगी. इस बार दीक्षांत समारोह में सिर्फ यूजी पीजी के गोल्ड मेडलिस्ट के साथ पीएचडी के छात्रों को ही शामिल होने का मौका मिलेगा. सिर्फ इन्हीं छात्रों को राष्ट्रपति के हाथों में मेडल व प्रमाण पत्र प्राप्त होगा. इसके अतिरिक्त किसी को भी दीक्षांत समारोह में मेडल या प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा.
कुलपति प्रोफेसर गंगाधर पंडा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पिछले साल की भांति इस साल दीक्षांत समारोह का आयोजन एक दिन में अलग-अलग स्थानों पर नहीं किया जाएगा, बल्कि अप्रैल में मुख्य दीक्षांत समारोह का आयोजन होगा.
इसके आयोजन के बाद सभी कॉलेजों को अपने अपने स्तर पर ग्रेजुएशन नाइट आयोजित कर विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट बांटने के लिए कहा जाएगा. इससे पहले कोल्हान विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सिंडिकेट की बैठक हुई. इसमें पिछली बैठक समेत एफिलिएशन और एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिये गये निर्णयों की संपुष्टि की गयी.
बैठक में करीम सिटी बीएड कॉलेज और डीबीएमएस कॉलेज फॉर एजुकेशन कदमा को तीन साल की संबद्धता प्रदान करने की अनुशंसा की गयी. वहीं शिक्षतर कर्मचारियों को अगले महीने से सातवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया.
कर्मचारियों को यह लाभ आंतरिक स्त्रोत से दिया जायेगा. वहीं कुलसचिव डॉ जयंत शेखर का एक बार पुनः बढ़ाने के लिए अनुशंसा करने का निर्णय लिया गया. बैठक में शनिवार को सभी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों के लिए विश्वविद्यालय प्रतिनिधि की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया. विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ पीके पाणि ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों की सूची शनिवार को जारी कर दी जायेगी.
सभी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों को प्रत्येक तीन महीने के अंतराल पर गवर्निंग बॉडी की बैठक करनी होगी. यदि कॉलेज ऐसा नहीं करते हैं, तो विश्वविद्यालय को उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा. इसके अलावा बैठक में अन्य निर्णय भी लिये गये.
बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ गंगाधर पांडा ने की. इसमें श्वविद्यालय की प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार, सिंडिकेट सदस्य राजेश कुमार शुक्ल, सिंडिकेट सदस्य जेबी तुबिद, कुलसचिव डॉ जयंत शेखर, वित्त पदाधिकारी डॉ पीके पाणी समेत अन्य अधिकारी और सदस्य उपस्थित थे.

