
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. अपहरण में इस्तेमाल की गई सिल्वर रंग की मारुति स्विफ्ट कार की कदमा थाना क्षेत्र से बरामदगी के बाद इस सनसनीखेज कांड में बिहार कनेक्शन का खुलासा हुआ है. पुलिस का दावा है कि इस अहम सुराग के बाद अपहरणकर्ताओं तक पहुंचना अब सिर्फ समय की बात है और अगले 48 घंटों के भीतर पूरे मामले का खुलासा हो सकता है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद मारुति स्विफ्ट कार बिहार के नालंदा जिले के निवासी राजशेखर के नाम पर रजिस्टर्ड है. कार मालिक की तलाश में झारखंड पुलिस की टीमें लगातार बिहार के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं. प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि इस अपहरण कांड में किसी बाहरी संगठित गिरोह की संलिप्तता हो सकती है, जो झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार की बरामदगी केवल एक वाहन की रिकवरी नहीं, बल्कि पूरे अपहरण नेटवर्क की कड़ी साबित हो सकती है. इस वाहन के जरिए अपहरणकर्ताओं की मूवमेंट, रूट मैप और संभावित ठिकानों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, जिसमें अपहरण के बाद कार की आवाजाही के स्पष्ट संकेत मिले हैं.
इसके अलावा पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है. तकनीकी सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की जा रही है, जो घटना के समय सक्रिय पाए गए थे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द हिरासत में लिया जा सकता है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई विशेष टीमें गठित की हैं, जो झारखंड और बिहार के अलग-अलग जिलों में एक साथ दबिश दे रही हैं. पुलिस लगातार दोनों राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है ताकि अपहरणकर्ताओं को किसी भी सूरत में भागने का मौका न मिले.
वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जल्द ही कैरव गांधी के अपहरण की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया जाएगा. पुलिस का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है. फिलहाल पूरे मामले में गोपनीयता बरती जा रही है ताकि आरोपियों तक किसी तरह की सूचना न पहुंचे.
अपहरण जैसे गंभीर अपराध में पुलिस की इस तेजी से न सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत की उम्मीद जगी है, बल्कि शहरवासियों को भी जल्द न्याय मिलने का भरोसा मिला है.

