
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर शनिवार को डीएसई निशु कुमारी ने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की.
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को इस वार्ता में कई सकारात्मक आश्वासन मिले और कई समस्याओं का समाधान भी किया गया. वार्ता में सिक्षकों ने 12 मांगों को मुख्य रूप से डीएसई के समक्ष रखा. इनमें शिक्षकों ने कहा कि वर्ष 1994 में नियुक्त शिक्षकों के लिए एक ही संवर्ग के कनीय शिक्षक का वेतन वरीय से अधिक होने के आलोक में समतुल्य वेतन का निर्धारण हेतु करीब आठ माह से मूल सेवा पुस्तिका वह सुसंगत प्रपत्र कार्यालय में जमा है.
नवंबर तक वेतन निर्धारण कर देने का आश्वासन संघ को दिया गया था परंतु आज तक मामला जस का तस है. वहीं विभागीय निर्देशानुसार ग्रेड 3, ग्रेड 4 के रिक्त पड़े पदों पर यथाशीघ्र प्रोन्नति दिए जाने की भी मांग की गई.
वहीं शिकायत की गई कि शिक्षकों को बीएलओ जैसे अन्य गैर शैक्षणिक कार्य जो शिक्षक मर्यादा के प्रतिकूल है, करने का आदेश दिया जाता है, इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है. इन सब कार्यों से शिक्षकों को मुक्त किया जाए। मांग की गई शैक्षणिक-प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन के उपरांत शिक्षकों की मूल सेवा पुस्तिका में यथाशीघ्र दर्ज की जाए.
साथ ही मांग की गई कि मध्यान भोजन योजना अंतर्गत चावल विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से करवाने की व्यवस्था की जाए.
शिक्षकों ने शिकायत की कि सुदूर क्षेत्रों में पड़ने वाले कुछ विद्यालय में नेटवर्क की समस्या कारण टैब से उपस्थिति नहीं बन पाती है, ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर मैनुअल हस्ताक्षर बनाने का आदेश निर्गत किया जाए. इसके अलावा अन्य समस्याओं को भी रखा गया. इसपर डीएई ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन शिक्षकों को दिया.
निशु कुमारी ने वर्ष 1994 में नियुक्त शिक्षकों के वेतन निर्धारण में विसंगति के संबंध में कहा कि प्राथमिक शिक्षा के निदेशक से इस मामले में मार्गदर्शन मांगा गया है. अंतिम रूप से मार्च 2023 तक उक्त वेतन का निर्धारण कर दिया जाएगा.
वहीं ग्रेड 3 व ग्रेड 4 की प्रोन्नति विभाग के दिशा निर्देश के आलोक में शीघ्र प्रारंभ की जाएगी. बीएलओ जैसे अन्य गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त किए जाने के संबंध में कहा कि सचिव द्वारा भी उपायुक्त को इस बाबत पत्र लिखा गया है. शीघ्र ही इस पर प्रशासन के साथ मिलकर उचित निर्णय लिया जाएगा.
वहीं सुदूर क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में जहां नेटवर्क की समस्या है उन विद्यालयों की सूची बनाने हेतु प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा. तत्पश्चात आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
वहीं पीएफएमएस प्रणाली द्वारा राशि निकासी हेतु जो प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विलंब करते हैं उनके विरुद्ध संघ को शिकायत करने के लिए कहा गया. निशु कुमारी ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रत्येक महीने के चौथे शनिवार को सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं संघीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया जाएगा.
सहायक शिक्षकों के अवकाश स्वीकृति के मामले में डीएसई ने कहा कि पूर्व की भांति सहायक शिक्षक प्रधानाध्यापक से छुट्टी लेंगे एवं एकल विद्यालय के शिक्षक तथा प्रधानाध्यापक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से छुट्टी लेगें.
उन्हें व्हाट्सएप पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से स्वीकृति लेनी होगी. पूरक पोषाहार अंतर्गत अंडे की बढ़ी हुई कीमत पर शीघ्र एमडीएम प्राधिकरण से कार्यालय द्वारा पत्राचार कर निदान किया जाएगा. अवकाश के दिनों में शिक्षकों से किसी प्रकार का कार्य ना लेने का आश्वासन जिला शिक्षा अधीक्षक महोदय द्वारा दिया गया.
वार्ता में मुख्य रूप से संघ की ओर से अरुण कुमार सिंह, दाखिन टुडु, अरुण कुमार, रूद्र प्रताप सीट, कृष्ण चंद्र दास, स्वपन मुंडा, टिप्रु तीयु, दुला मांडी, राजेंद्र कर्ण, रमाकांत शुक्ला, पीथो सोरेन, बबन ओझा, श्यामल मंडल, अनुपम भकत, दशरथ सरदार, सुधीर चंद्र मुर्मू, समीर कुमार, शिवाजी सिंह, बबन सिंह, किशोर महंती, पुलीन कूईला, रविंद्र नाथ मुर्मू ,खुदीराम महाली, शाहिद इकबाल ,जीत राय सोरेन, गोपाल आदि अन्य संघीय प्रतिनिधि शामिल थे.

