
उदित वाणी, जमशेदपुर : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शनिवार को जमशेदपुर जिला कमेटी की ओर से समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. यह धरना केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वीबी-जीआरएएम जी (VB-GRAM G) बिल के विरोध में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हुए.
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने किया. धरना को संबोधित करते हुए कुणाल षाडंगी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर नया कानून लागू किया है, जो पूरी तरह से अनुचित और संवेदनहीन कदम है. उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया जा रहा है और ग्रामीण गरीबों की आजीविका को खतरे में डाला जा रहा है.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक यह बिल वापस नहीं लिया जाता, तब तक झामुमो सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी. कुणाल षाडंगी ने केंद्र सरकार पर मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों, मजदूरों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों पर जबरन गलत कानून थोपे जा रहे हैं.
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि झामुमो कार्यकर्ता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सपनों को टूटने नहीं देंगे. साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास की प्रक्रिया किसी भी परिस्थिति में रुकने नहीं दी जाएगी. धरना के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार से अविलंब वीबी-जीआरएएम जी बिल वापस लेने और मनरेगा की मूल भावना को अक्षुण्ण रखने की मांग की.

