
उदित वाणी, जमशेदपुर : झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 की नामांकन प्रक्रिया अब अपने चरम पर पहुंच गई है. मंगलवार का दिन जमशेदपुर की दो सबसे महत्वपूर्ण सीटों -मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद -के लिए ‘सुपर ट्यूसडे’ साबित होने जा रहा है.
आज शहर की दो बड़ी सियासी हस्तियों की पत्नियां पूरे तामझाम के साथ अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी रणभेरी फूँकेंगी. नामांकन की अंतिम तिथि 4 फरवरी होने के कारण आज और कल समाहारणालय परिसर में भारी भीड़ जुटने की संभावना है.
मानगो में सुधा गुप्ता का ‘सियासी शो’
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और कद्दावर कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता आज मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगी.
सुधा गुप्ता के नामांकन को कांग्रेस एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है. गाजे-बाजे और हजारों समर्थकों की भीड़ के साथ वे उपायुक्त कार्यालय पहुंचेंगी. जिला कांग्रेस कमेटी की पूरी टीम इस दौरान उनके साथ मौजूद रहेगी, जो यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि मानगो में ‘हाथ’ का पलड़ा भारी है.
जुगसलाई में नौशीन खान भरेंगी हुंकार
दूसरी ओर, जुगसलाई नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और झामुमो के कद्दावर नेता हिदायतुल्ला खान की पत्नी नौशीन खान आज अपना पर्चा भरेंगी. जुगसलाई को झामुमो अपना मजबूत गढ़ मान रही है और नौशीन खान की दावेदारी ने यहाँ मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. उनके नामांकन में झामुमो के जिला स्तर के नेताओं और अल्पसंख्यक समुदाय की बड़ी भागीदारी दिखने की उम्मीद है.
ज़ेबा खान: कल की कसर आज होगी पूरी
कल ट्रैफिक जाम के कारण समय पर न पहुंच पाने वाली मेयर प्रत्याशी ज़ेबा खान भी आज ही अपना नामांकन दाखिल करेंगी. उन्होंने पहले ही घोषणा की है कि यह चुनाव मानगो की जनता के सम्मान की लड़ाई है.
कल की चूक के बाद आज उनके समर्थक अधिक मुस्तैद नजर आ रहे हैं ताकि समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी की जा सके.
भाजपा की ‘साइलेंट’ घेराबंदी
इन भारी-भरकम नामांकनों के बीच भाजपा की रणनीति भी स्पष्ट हो चुकी है. भाजपा समर्थित प्रत्याशी संध्या सिंह (मानगो) और रिंकू सिंह (जुगसलाई) के पक्ष में भी संगठन अंदरूनी रूप से सक्रिय हो गया है.
दलीय आधार पर चुनाव न होने के बावजूद आज होने वाले इन नामांकनों ने यह साफ कर दिया है कि मुकाबला पूरी तरह से ‘गठबंधन बनाम भाजपा’ के इर्द-गिर्द सिमट गया है.
प्रशासनिक अलर्ट: भारी भीड़ और वीआईपी नामांकनों को देखते हुए साकची स्थित समाहारणालय और मानगो पुल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. जिला प्रशासन ने प्रत्याशियों से केवल निर्धारित संख्या में ही समर्थकों को नामांकन कक्ष तक ले जाने की अपील की है.

