
उदित वाणी, झारखंड: झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी रांची के सरकारी और आईटीआई बस स्टैंडों की बदहाली पर स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मीडिया में आई खबरों के बाद इस मामले को जनहित याचिका में बदल दिया है। कोर्ट ने रांची नगर निगम को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
रांची नगर निगम की टीम ने आईटीआई बस स्टैंड और भगवान बिरसा मुंडा बस टर्मिनल का निरीक्षण किया। आईटीआई बस स्टैंड में जलजमाव और कीचड़ की समस्या पाई गई, जबकि कांटाटोली बस टर्मिनल में स्वच्छता, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने बस स्टैंडों की बदहाली को गंभीरता से लिया है और रांची के उपायुक्त को सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग ने सरकारी बस डिपो को कंडम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट ने कांके रोड पर सब्जी बिक्री और वाहन पार्किंग से होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या पर भी संज्ञान लिया है। इसके अलावा अशोक विहार में 15 फीट नाले के अतिक्रमण के कारण घरों में गंदा पानी घुसने की समस्या पर भी कोर्ट ने संज्ञान लिया है। दोनों मामलों में रांची नगर निगम और सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
इन सभी मामलों की सुनवाई आज झारखंड हाईकोर्ट में होगी। कोर्ट ने रांची नगर निगम और सरकार से जवाब मांगा है और इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है।

