
उदित वाणी, जमशेदपुर : रविवार दोपहर जमशेदपुर में पुलिस महकमे में उस वक्त खलबली मच गई, जब राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा अचानक शहर पहुंचीं. बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के हुए इस दौरे ने न सिर्फ पुलिस अधिकारियों को सतर्क कर दिया, बल्कि शहर में चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया. डीजीपी के आगमन की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय नजर आए.
डीजीपी तदाशा मिश्रा के साथ जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय और सिटी एसपी कुमार शुभाशीष भी मौजूद रहे. तीनों अधिकारी सीधे कदमा-सोनारी लिंक रोड पहुंचे, जहां उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी ली. डीजीपी के दौरे के दौरान आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और गश्त बढ़ा दी गई, जिससे आम लोगों में भी हलचल देखी गई.
सूत्रों के अनुसार, डीजीपी ने लिंक रोड पर रुककर ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील बिंदुओं को लेकर गहन समीक्षा की. अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए. हालांकि पुलिस विभाग की ओर से इस दौरे को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे कयासों को और बल मिल रहा है.
डीजीपी के इस दौरे को हाल के चर्चित कैरव गांधी अपहरण मामले से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि इस मामले की जांच को लेकर राज्य स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है और अब तक की प्रगति पर डीजीपी स्वयं फीडबैक ले रही हैं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पर दबाव भी बना हुआ है.
अचानक हुए इस दौरे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूदगी को पुलिस की सक्रियता और सख्त रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर जांच में तेजी और कुछ अहम खुलासे भी सामने आ सकते हैं. डीजीपी के दौरे ने साफ कर दिया है कि राज्य पुलिस इस पूरे प्रकरण को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है.

