
उदित वाणी, रांची : चर्चित जीएसटी घोटाले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दो दिनों तक छापेमारी के दौरान जमशेदपुर के ज्ञानचंद्र जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के ठिकाने से 15 लाख रुपये और रांची में श्याम ठक्कर के ठिकाने से 12 लाख रुपये जब्त किए. इसके अलावा, ईडी द्वारा हवाला कारोबार से संबंधित करोड़ों रुपये के लेनदेन के डिजिटल दस्तावेजों की जानकारी जुटाई गई है. इस छापेमारी में कागजी कंपनियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार करने के भी सबूत मिले हैं. भारी मात्रा में मिले दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों का ईडी द्वारा सत्यापन किया जा रहा है. अब ईडी द्वारा घोटाले के सभी संदिग्धों को एक-एक कर समन भेजने व पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है. ईडी उनसे जीएसटी घोटाले में मिले तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों आदि के बारे में पता करने की कोशिश करेगी.
ज्ञात हो कि ईडी द्वारा 7 अगस्त को झारखंड, पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र से जुड़े घोटालेबाजों के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. बताया गया कि पूरा मामला पूर्व में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के कारोबारी शिवकुमार देवड़ा से संबंधित था. जबकि ईडी द्वारा छापेमारी धनबाद के व्यवसायी अमित अग्रवाल के आवास व उनकी झरिया स्थित जगदंबा फर्नीचर, जमशेदपुर के बबलू जायसवाल उर्फ ज्ञानचंद्र जायसवाल, पश्चिम बंगाल के हावड़ा के राज जायसवाल, झारखंड के सरायकेला के पंचानन सरदार, रांची के श्याम ठक्कर व उनकी कंपनी कामधेनु इंटरप्राइजेज तथा महाराष्ट्र के नवी मुंबई के अंकेश जैन उर्फ मल्लिक से जुड़े ठिकानों पर की गई थी. इनमें महाराष्ट्र के नवी मुंबई के अंकेश जैन उर्फ मल्लिक के ठिकाने पर दो दिनों तक लगातार छापेमारी की गई.
इन कारोबारियों पर फर्जी जीएसटी बिल जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप है. जीएसटी घोटाले को लेकर इन कारोबारियों ने कागजी कंपनियां बनाईं और उनके नाम से करोड़ों रुपये के फर्जी बिल बनाकर यह घोटाला किया. आरोप है कि फर्जी बिल तैयार कर कमीशन के रूप में एक-तिहाई हिस्सा लिया जाता था. वहीं, कागजी कंपनियों के नाम पर कोयला, लोहा, स्क्रैप आदि की खरीद-बिक्री के लिए फर्जी बिल तैयार किया जाता था. इन कंपनियों में ऑनलाइन नौकरी के नाम पर भी युवाओं को फंसाया गया था और उन युवाओं के आधार, पैन, फोटो व बैंक डिटेल लेकर कागजी कंपनियां बनाईं गईं और उन्हें प्रतिमाह 10-15 हजार रुपये भी दिए जाते थे, ताकि यह साबित किया जा सके कि कंपनियां कार्यरत हैं.
गौरतलब है कि जीएसटी घोटाले मामले में ईडी ने इससे पहले 8 मई को छापेमारी कर जमशेदपुर के जुगसलाई के कारोबारी अमित कुमार अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया, कोलकाता से शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा व अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है और सभी वर्तमान में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं.
