
उदित वाणी जमशेदपुर : सोनारी थाना क्षेत्र में स्थित वर्धमान ज्वेलर्स में दिन-दहाड़े हुई सनसनीखेज लूटकांड की गुत्थी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। लेकिन लगातार छापेमारी और पूछताछ के बाद पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। बिष्टुपुर गुरुद्वारा के पास कारोबारी साकेत अगिवाल से करीब 30 लाख रुपये का कैश और गहनों से भरा बैग छीने जाने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा दो महिलाओं को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। लूटकांड में शामिल मुख्य आरोपी गणेश कर्मकार अभी भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की रात गणेश कर्मकार को पुलिस की कार्रवाई की भनक लग गई थी, जिससे उसने मौके से भागने में सफलता प्राप्त कर ली। इसके बाद से ही उसकी तलाश तेज कर दी गई। कपाली डोबो इलाके में पुलिस की विशेष छापेमारी में लूटकांड में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा और गोली बरामद किया गया। यह हथियार उसी गिरोह द्वारा लूटकांड को अंजाम देने में प्रयोग किया गया था।
विशेष जानकारी मिली है कि शातिर अपराधी विकास सिंह हेते के भाई बंटी सिंह के घर भी छापेमारी की गई, जहाँ से और भी हथियार और गोली बरामद हुई। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि कारोबारी साकेत अगिवाल से रुपये व गहनों से भरा बैग मुख्य आरोपी गणेश कर्मकार ने ही छीना था। इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज में गणेश की तस्वीर स्पष्ट रूप से कैद हो गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने उसे चिन्हित किया और गिरफ्तारी की दिशा में काम तेज कर दिया। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस ने पलामू के चैनपुर निवासी ऋषि राज सोनी की तलाश में चैनपुर स्थित उसके घर पर भी छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके अलावा रांची में भी अभियुक्त गणेश कर्मकार और उसके अन्य सहयोगियों की खोज में विशेष छापेमारी की गई। गिरफ्तार युवकों के जरिये पुलिस ने पूरे गिरोह के अन्य फरार सदस्य की पहचान कर ली है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में फिलहाल कुछ भी आधिकारिक तौर पर कहने से परहेज किया है।
इस लूटकांड की पृष्ठभूमि बेहद सनसनीखेज है। गत तीन सितंबर को सोनारी एरोड्राम बाजार रोड स्थित वर्धमान ज्वेलर्स में छह बदमाशों ने दिनदहाड़े साकेत अगिवाल पर हमला कर उनकी आंख में मिर्च पाउडर डाल दिया था। इसके बाद वे रुपये व गहनों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। यह वारदात इतनी सुनियोजित और निर्दयतापूर्ण थी कि पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था। व्यापारियों तथा आम जनता ने घटना की कड़ी निंदा की थी।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस लगातार छानबीन कर रही है और इसके लिए कई थानों की संयुक्त टीम गठित की गई है। गवाहों के बयानों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से भी अपराधियों की पहचान की गई। हालांकि पुलिस गिरफ्तारी को लेकर फिलहाल चुप्पी साधे हुए है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले एक-दो दिनों में पूरे लूटकांड का खुलासा हो सकता है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराधियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की है ताकि लूटकांड में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि गणेश कर्मकार सहित अन्य फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पूरी ताकत झोंक रही है। विशेष रूप से सोनारी, पलामू और रांची में लगातार छापेमारी की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों में लूटकांड को लेकर असुरक्षा की भावना व्याप्त है। व्यापारियों ने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने भी पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। इस बीच जनता को भी सतर्क रहने और पुलिस से सहयोग करने का आह्वान किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि न्याय मिलने में अधिक समय नहीं लगेगा और सभी दोषी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
