
उदित वाणी जमशेदपुर : आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तत्परता को परखने के लिए आज खड़गपुर मंडल के गोपीनाथपुर नीलगिरी स्टेशन यार्ड, बालेश्वर में भारतीय रेलवे और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने एक संयुक्त वृहद स्तर का मॉक अभ्यास आयोजित किया। इस अभ्यास में ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ फायर सर्विस, राज्य पुलिस, सिविल डिफेंस, स्काउट्स एंड गाइड्स, मेडिकल टीम और सेंट जॉन एम्बुलेंस के कर्मियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
मॉक ड्रिल के दौरान ट्रेन संख्या 00026 (हावड़ा–गोपीनाथपुर नीलगिरी अप पैसेंजर स्पेशल) की दो कोचों के सुबह लगभग 7:40 बजे पटरी से उतरने की काल्पनिक घटना बनाई गई। सूचना मिलते ही 7:41 बजे खड़गपुर में हूटर बजाया गया और दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण (एआरएमई), दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) और क्रेन को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।

खड़गपुर के मंडल रेल प्रबंधक श्री ललित मोहन पांडेय सहित अन्य अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद रेलवे और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने पटरी से उतरे कोच में प्रवेश कर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। जहां संभव हुआ, यात्रियों को कोच के अंदर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से फंसे यात्रियों को निकालने के लिए कटिंग उपकरणों का प्रयोग किया गया।
मेडिकल टीम घायल यात्रियों की सूची तैयार करती रही और उन्हें किस अस्पताल भेजा गया, इसकी स्पष्ट जानकारी दर्ज की गई। प्रत्येक घायल यात्री की जेब में पहचान हेतु उनका नाम व विवरण वाली पर्ची रखी गई।
यह पूरा बचाव अभियान वरिष्ठ डिविजनल सुरक्षा अधिकारी/खड़गपुर श्री सुधीर कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। इस अभ्यास में एनडीआरएफ के 40 जवान, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 140 कर्मी, स्काउट्स एंड गाइड्स के 37 सदस्य, मेडिकल टीम के 51 सदस्य, सेंट जॉन एम्बुलेंस के 11 कर्मियों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल रहे।
घटनास्थल पर मे आई हेल्प यू केंद्र, प्राथमिक उपचार केंद्र और अनुग्रह राशि भुगतान केंद्र स्थापित किए गए। इसके अलावा खड़गपुर मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर तत्काल हेल्पडेस्क भी खोल दिए गए।

