
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन में चल रहे राजभाषा पखवाड़ा के अंतर्गत शनिवार को राजभाषा विभाग की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता स्टेशन निदेशक ने की। बैठक में स्टेशन से जुड़े विभिन्न विभागों के पर्यवेक्षक और वरिष्ठ कर्मी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी भाषा को प्राथमिकता देना और उसके प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाना था। स्टेशन निदेशक ने सभी उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और कार्यकुशलता को भी सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि रेलवे जैसे सार्वजनिक सेवा संस्थानों में हिंदी का प्रयोग बढ़ने से यात्री और आम जनता के साथ संवाद और भी सरल और प्रभावी हो सकता है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सभी विभागाध्यक्ष और पर्यवेक्षक अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को पत्राचार, नोटशीट, रिपोर्टिंग तथा अन्य आधिकारिक कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि विभागीय कार्यों में राजभाषा के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी।
स्टेशन निदेशक ने कहा कि हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रोत्साहित करना केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने कार्यस्थल पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दें और इसे व्यवहारिक रूप से अपनाएँ।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि टाटानगर स्टेशन के सभी विभाग मिलकर हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करेंगे, ताकि राजभाषा पखवाड़ा केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यवहार में भी उतरे।

