
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी चल रही है। इसी क्रम में प्लेटफार्म पर नए फुटओवर ब्रिज (एफओबी) पर एक्सीलेटर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शुक्रवार को रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर एक्सीलेटर लगाने और प्लेटफार्म विस्तार की संभावनाओं का निरीक्षण किया। वर्तमान में केवल प्लेटफार्म नंबर वन पर तीन एक्सीलेटर लगाए गए हैं, जो सिर्फ ऊपर जाने की सुविधा देते हैं।
रेलवे की योजना के अनुसार हर प्लेटफार्म पर एक-एक एक्सीलेटर और दो लिफ्ट लगाने की व्यवस्था है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि पूरे स्टेशन पर लगाए जा रहे एक्सीलेटर केवल चढ़ने के लिए होंगे, उतरने के लिए कोई सुविधा नहीं होगी। इससे दिव्यांगों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को खासा दिक्कत हो रही है। कई यात्री इसे अधूरा प्रोजेक्ट बताते हुए कहते हैं कि जब सुविधा दी जा रही है तो उसे व्यावहारिक और सभी वर्गों के लिए उपयोगी बनाना चाहिए।
प्लेटफार्म नंबर वन पर लगे एक्सीलेटर के पास जलजमाव की समस्या भी लगातार बनी रहती है। बारिश के समय पानी भर जाने से मशीनें बीच-बीच में बंद करनी पड़ती हैं। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि री-डेवलपमेंट योजना का मकसद सुविधाएं बढ़ाना है, लेकिन यदि उनकी उपयोगिता व्यावहारिक नहीं होगी तो इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि एक्सीलेटर चढ़ने के साथ उतरने की सुविधा भी उपलब्ध कराए और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करे। तभी स्टेशन पर आधुनिकरण का फायदा आम यात्रियों को वास्तव में मिल पाएगा।

