
उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी द्वारा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के विरुद्ध की गई टिप्पणी की सरायकेला_खरसावां जिला भाजपा ने तीखी निन्दा की है तथा इसे उनकी घटिया मानसिकता का परिचायक बताया है. प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंहदेव ने कहा कि श्री षाडंगी ने झारखंड आंदोलन के दो शीर्ष व्यक्तियों के रिश्तों पर सवाल उठाकर अपनी सोच का स्तर उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि जब अलग राज्य के लिए आंदोलन चल रहा था, तब आपका जन्म भी नहीं हुआ था. जंगलों, पहाड़ों और सुदूर गांवों में आंदोलनकारियों के संघर्ष को वातानुकूलित कमरों में बैठने वाले लोग कभी समझ नहीं सकते. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को चंपाई सोरेन ने अपने खून-पसीने से खड़ा किया, आज वही पार्टी उनके अपमान का दुस्साहस कर रही है. जबकि झामुमो में रहते हुए भी चंपाई सोरेन ने इस मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाई थी. परन्तु संगठन से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन से सवाल किया कि क्या वरिष्ठ नेताओं का अपमान करना अब झामुमो की नीति बन गई है. जबकि हेमन्त सोरेन और कल्पना सोरेन दोनों हर मंच पर उनके पैर छूते थे, फिर आज उनके अपमान पर चुप क्यों हैं? क्या इसमें आपकी भी सहमति है?” जबकि विषम परिस्थितियों में चम्पाई सोरेन ने हीं झामुमो को टूटने से और सरकार को गिरने से बचाया था. उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर झामुमो से सार्वजनिक माफी की मांग भी की. प्रेस वार्ता में जिला भाजपा के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, आदित्यपुर मंडल भाजपा अध्यक्ष देवेश महापात्रा, सनद आचार्य, सचिन महतो एवं रंजीत प्रधान उपस्थित थे.

