
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के रहने वाले शशि शेखर सहित कई निवेशकों के साथ तकरीबन छह करोड़ रुपये की वित्तीय ठगी का मामला सामने आया है. मामला एक ऐसी निजी ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा है, जिसने लोगों को सोना और शेयर कारोबार में मोटा मुनाफा देने का लालच देकर पैसे जुटाए. शुरुआत में कंपनी द्वारा कुछ निवेशकों को मामूली लाभ दिखाकर विश्वास जीतने की कोशिश की गई, लेकिन धीरे–धीरे करोड़ों रुपये जमा कर कंपनी के संचालक दफ्तर बंद कर फरार हो गए.
पीड़ित शशि शेखर ने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रतिमाह निश्चित लाभ दिया जाएगा और तीन वर्ष के भीतर पूरा पैसा दोगुना कर वापस हो जाएगा. इस आश्वासन के बाद उन्होंने और उनके परिचितों ने मिलकर बड़ी राशि निवेश की. परंतु पिछले दो माह से न तो लाभ की कोई राशि मिली और न ही मूलधन लौटाया गया. कंपनी के सभी मोबाइल नंबर बंद हैं और बिष्टुपुर तथा कदमा स्थित दफ्तरों पर ताला जड़ा हुआ मिला है.
पीड़ितों ने अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जमशेदपुर और गोरखपुर पुलिस प्रशासन को विस्तृत लिखित शिकायत भेजते हुए मामले की जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि कंपनी के संचालक तीन लोग—जिनके नाम शिकायत में दर्ज हैं—पूर्व नियोजित तरीके से निवेशकों का भरोसा जीतकर भागने की योजना बनाकर बैठे थे. पीड़ितों का कहना है कि ठगी की राशि लगातार बढ़ सकती है, क्योंकि झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से निवेशकों के सामने आने की संभावना है.
पीड़ितों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर संचालकों की गिरफ्तारी, निवेशकों की राशि की वसूली और भविष्य में ऐसे निवेश छल–कपट पर कड़ी निगरानी की मांग की है.

