
उदित वाणी जमशेदपुर : शहर में एक बार फिर रहस्यमयी घटना का गवाह बना है। एमजीएम थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले होटल सन इंटरनेशनल के एक कमरे से मंगलवार देर शाम चतरा के जाने माने व्यवसायी और संवेदक सुबोध सिंह (45) का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया। यह खबर फैलते ही चतरा से लेकर जमशेदपुर तक सनसनी फैल गई। राज्य भर में चर्चित यह कारोबारी अपने व्यवसायिक कार्यों के लिए रांची गया था, लेकिन किन परिस्थितियों में वह रांची से जमशेदपुर आया और यहां होटल के कमरे में मृत अवस्था में मिला—यह अभी तक रहस्य बना हुआ है।
रहस्य से घिरी मौत: साजिश की आशंका
घटना की सूचना पाकर सबसे पहले एमजीएम थाना प्रभारी रामबाबू तिवारी अपनी टीम के साथ होटल पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर टीएमएच (टाटा मेन अस्पताल) के शवगृह में भेज दिया। थाना प्रभारी ने मीडिया को जानकारी दी कि शव को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है और परिजनों के आने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और मृतक के साथ होटल में रुके दो युवकों और उनके चालक से गहन पूछताछ की जा रही है।
सुबोध सिंह के परिजनों का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं लगती, बल्कि इसमें गहरी साजिश की बू है। परिजनों के अनुसार सुबोध सिंह अपने एक कारोबारी सहयोगी और ड्राइवर के साथ चतरा से रांची गया था। वहां किसी से कहासुनी हुई थी। इसके बाद किन परिस्थितियों में वे रांची से जमशेदपुर पहुंचे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि काम रांची में था, तो अचानक जमशेदपुर आने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
होटल स्टाफ और अन्य चश्मदीदों से हो रही पूछताछ
एमजीएम पुलिस की टीम होटल के स्टाफ और वहां ठहरे अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि होटल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जब शव मिला। इस वजह से प्रथम दृष्टया आत्महत्या की संभावना भी जताई जा रही है, लेकिन पुलिस ने इसपर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी ने मृतक को नशीला पदार्थ दिया या किसी अन्य प्रकार की जबरदस्ती हुई।
परिवार ने जताई साजिश की आशंका, एफआईआर की मांग
सुबोध सिंह के भाई और बेटे जमशेदपुर पहुंच चुके हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और जिन लोगों के साथ वे यात्रा कर रहे थे, उनके कॉल डिटेल्स और गतिविधियों की गहन पड़ताल की जाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक के कारोबारी सहयोगी के साथ हाल के दिनों में पैसों को लेकर विवाद चल रहा था, और यह मामला उसी से जुड़ा हो सकता है।
जमशेदपुर पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में
पूरे मामले को लेकर जमशेदपुर पुलिस की प्रारंभिक चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी तक पुलिस ने न तो प्रेस वार्ता की है और न ही किसी अधिकारी ने स्पष्ट बयान दिया है। केवल थाना प्रभारी रामबाबू तिवारी ने इतना जरूर कहा है कि “मामले की जांच सभी एंगल से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।”
चतरा में पसरा शोक, मृतक थे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय
सुबोध सिंह मूल रूप से हंटरगंज प्रखंड के ढौलिया गांव के निवासी थे, लेकिन लंबे समय से चतरा शहर के नगवां मोहल्ले में रहकर ठेकेदारी और निर्माण कार्य से जुड़े व्यवसाय चला रहे थे। वे स्थानीय सामाजिक कार्यों में भी काफी सक्रिय रहते थे और कई स्कूल, अस्पताल एवं सड़क परियोजनाओं में उनकी भागीदारी रही है।
उनकी मौत की खबर जैसे ही चतरा पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ पड़ी। उनके आवास पर बड़ी संख्या में लोग शोक व्यक्त करने पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राज्य स्तर पर भी हलचल, संवेदकों की संस्था ने की न्याय की मांग
झारखंड राज्य संवेदक संघ ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “चिंताजनक और रहस्यमयी” बताया है। संघ के अध्यक्ष राजीव कुमार ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि इस घटना की जांच CID या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि यह एक साजिश है, तो दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस की प्राथमिक जांच: होटल में चेक-इन का समय, फोन कॉल्स और आवाजाही पर फोकस
सूत्रों की मानें तो पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज में यह देखने की कोशिश कर रही है कि सुबोध सिंह के कमरे में कौन-कौन गया और कितनी देर तक वहां रुका। साथ ही होटल में चेक-इन के समय से लेकर मौत की सूचना मिलने तक के बीच की गतिविधियों पर फोकस किया जा रहा है। मृतक के मोबाइल फोन और साथियों के कॉल रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि मौत के पहले कोई बाहरी व्यक्ति भी होटल आया हो सकता है।
ड्राइवर और कारोबारी सहयोगी की भूमिका संदिग्ध
सुबोध सिंह के साथ जो दो अन्य लोग होटल में ठहरे थे, उनमें एक उनका ड्राइवर और दूसरा कारोबारी सहयोगी है। दोनों से एमजीएम थाना में पूछताछ की जा रही है। पुलिस इनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि वे लोग जमशेदपुर क्यों आए, होटल में क्यों रुके, और जब सुबोध सिंह की तबीयत बिगड़ी या वे मृत पाए गए, तो उन्होंने पहले पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। इन दोनों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या कहती है पुलिस: हर एंगल से जांच जारी
थाना प्रभारी रामबाबू तिवारी का कहना है कि “हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। होटल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है, मृतक के साथियों से पूछताछ जारी है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत की वजह क्या थी।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुबोध सिंह की मौत स्वाभाविक थी, आत्महत्या थी, या फिर किसी गहरी साजिश के तहत उनकी हत्या की गई। इस मामले ने न सिर्फ जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड में हलचल मचा दी है।

