
उदित वाणी, जमशेदपुर : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह-अध्यक्ष जिलास्तरीय वन अधिकार समिति श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला वन अधिकार समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, जिला कल्याण पदाधिकारी श्री शंकराचार्य समद, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल श्री दीपक सहाय, जिला परिषद सदस्यगण, एनएचएआई एवं वन विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे.
बैठक में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के नियम 2008 और संशोधित नियम 2012 के अंतर्गत प्राप्त कुल 85 वन पट्टा दावा अभिलेखों पर गहन चर्चा की गई. इनमें 11 सामुदायिक, 72 व्यक्तिगत और 2 दावा अभिलेख एनएचएआई से संबंधित थे. सभी दावों की सत्यापन प्रक्रिया, भू-सीमा निर्धारण और दस्तावेजों की जांच कर संबंधित प्रस्तावों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया पर बल दिया गया.
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने बैठक में वन क्षेत्र में निवासरत नागरिकों के सामुदायिक हित की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा आयोजित कर अधिक से अधिक वन पट्टा आवेदन सृजित करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक अंचल में 500 एकड़ जमीन को समुदाय आधारित वन प्रबंध (CFR) के तहत चिन्हित करने के लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को पूर्व में दिए गए आदेशों को पुनः पर जोर दिया.
यह बैठक वन अधिकारों के संरक्षण एवं पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

