
उदित वाणी, जमशेदपुर :- टाटानगर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की देर रात उस समय हंगामा मच गया जब साउथ बिहार एक्सप्रेस से नाबालिग लड़कियों को धर्मांतरण के लिए ले जाने का मामला सामने आया। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ट्रेन से उतरने वाली लड़कियों को रोक लिया और पूछताछ में मामला संदिग्ध पाए जाने पर जीआरपी को सौंप दिया।
सूत्रों के अनुसार, ट्रेन से कुल पांच युवक इन लड़कियों को लेकर टाटानगर पहुंचे थे। इनमें से तीन को स्टेशन पर ही पकड़ लिया गया, जबकि दो युवक अफरा-तफरी का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए युवकों से जीआरपी पूछताछ कर रही है। इस बीच स्टेशन पर अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद हिंदूवादी संगठन के नेता अरुण सिंह ने बताया कि उन्हें ट्रेन में सफर कर रहे एक कार्यकर्ता ने सूचना दी थी। संदेह होने पर स्थानीय नेतृत्व से संपर्क किया गया और जैसे ही ट्रेन टाटानगर पहुंची, लड़कियों को युवकों के कब्जे से छुड़ाया गया। पूछताछ में पता चला कि सभी को सुंदरनगर स्थित पटेल बागान इलाके में ले जाया जा रहा था, जहां धर्मांतरण की योजना थी।
घटनास्थल पर तनाव तब और बढ़ गया जब जमशेदपुर शहर के तीन फादर भी जीआरपी थाना पहुंचे। उन्होंने पकड़े गए लड़कों और लड़कियों को छुड़ाने का प्रयास किया। लेकिन हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते उन्हें वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा।
जीआरपी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल लड़कियों से भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वे किस इलाके से लाई गई हैं और उन्हें किस उद्देश्य से जमशेदपुर लाया जा रहा था, इसकी तहकीकात की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार युवकों की तलाश शुरू कर दी गई है।
इस घटना के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों में देर रात तक भारी संख्या में भीड़ जुटी रही। लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। वहीं, हिंदूवादी संगठनों ने इस मामले को धर्मांतरण से जुड़ा षड्यंत्र करार देते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रेल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले का सच सामने आएगा। फिलहाल स्टेशन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न हो।

